बलरामपुर : महुआ बीनने गए किसान को तेंदुए ने बनाया निवाला, घर से 700 मीटर दूर जंगल मे हुई घटना
पचपेड़वा/बलरामपुर, अमृत विचार। महुआ बीनने गए 42 वर्षीय किसान हरिकान्त यादव की शुक्रवार सुबह तेंदुए के हमले में मौत हो गई। घर से महज 700 मीटर दूर जंगल किनारे खेत में बिखरा महुआ और खून से सनी मिट्टी घटना की गवाही दे रही थी। हरिकान्त ग्राम पंचायत घुबौलिया के मजरे रेहरा चौकी के निवासी थे।
परिजनों के मुताबिक हरिकान्त सुबह करीब 7 बजे भैंस लेकर गेहूं के खेत पर गए थे। खेत जंगल से सटा होने के कारण वे महुआ भी बीनने लगे। साथ में गांव की एक महिला भी थी। तभी अचानक झाड़ी से निकले तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे झिनकू प्रसाद, राधेश्याम और विमल कुमार दौड़े, लेकिन तब तक तेंदुआ जंगल की ओर भाग चुका था। हरिकान्त की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक के बेटे सुजीत की आंखें पिता को याद कर बार-बार भर आती हैं। सुजीत ने बताया कि पापा रोज की तरह खेत गए थे। शोर सुनकर हम पहुंचे तो पापा खून से लथपथ पड़े थे। महुआ वहीं बिखरा था। वन क्षेत्राधिकारी भाभंर रेंज योगेश कुमार सिंह ने बताया कि सूचना पर टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ग्रामीणों को जंगल में न जाने की हिदायत दी गई है।
ग्रामीणों में दहशत के साथ आक्रोश भी है। ग्राम पंचायत परसरामपुर के प्रधान शेखर पाण्डेय ने कहा कि नवम्बर में पिपरा के एक पुरुष, 25 दिसम्बर को विशुनपुर कोड़र की महिला और फरवरी में उनके गांव की एक महिला को तेंदुआ मार चुका है। यह इसी जंगल का पांचवां शिकार है। फिर भी शासन-प्रशासन ठोस कदम नहीं उठा रहा। मजबूर होकर आंदोलन करना पड़ेगा। हरिकान्त की मौत के बाद रेहरा चौकी गांव में चूल्हे नहीं जले। एक हंसते-खेलते परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
