नीतीश कुमार ने ली राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ, जल्द देंगे बिहार के सीएम पद से इस्तीफा
नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली तथा इसी के साथ राज्य में नये मुख्यमंत्री की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया। राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने अपने कक्ष में एक संक्षिप्त समारोह के दौरान उन्हें शपथ दिलाई। सभापति ने बाद में उन्हें उच्च सदन का सदस्य बनने और संसद में वापसी पर शुभकामनाएं भी दीं। नीतीश कुमार ने हिंदी में शपथ ली।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री एवं सदन के नेता जे. पी. नड्डा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर और विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी मौजूद थे। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित थे।
जनता दल-यूनाइटेड (जद यू) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, राज्यसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक जयराम रमेश, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी तथा लोकसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक संजय जायसवाल भी शपथ ग्रहण के दौरान मौजूद थे।
उपराष्ट्रपति कार्यालय ने शपथ ग्रहण की तस्वीरें साझा करते हुए 'एक्स' पर कहा, ''भारत के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने बिहार से निर्वाचित राज्यसभा सदस्य नीतीश कुमार को आज संसद भवन में शपथ दिलाई।'' शपथ ग्रहण के बाद कुमार नये संसद भवन से बाहर आए और उस समय के बारे में बात की, जब वह लोकसभा के सदस्य थे और पुराने संसद भवन में बैठते थे।
कुमार के राज्यसभा सदस्य की भूमिका संभालने के साथ ही बिहार में उनके करीब दो दशक लंबे शासन का अंत होने जा रहा है। वह जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के 14 अप्रैल को बिहार का नया मुख्यमंत्री चुनने की संभावना है।
नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद 30 मार्च को राज्य विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं। वह 16 मार्च को संसद के उच्च सदन के लिए निर्वाचित हुए थे और इसके बाद 14 दिन की अवधि के भीतर उन्हें विधान परिषद का सदस्य पद छोड़ना था।
