यूपी में आग का तांडव : फतेहपुर और प्रयागराज में गेहूं फसल जलकर खाक, मुआवजा देने की मांग 

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Published By Anjali Singh
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फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में शनिवार को आग लगने से आधा दर्जन किसानों की लगभग 25 बीघा गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि दहेली गांव के करीब आधा दर्जन किसानों ने मेहनत से गेहूं की फसल तैयार की थी। शनिवार दोपहर अचानक खेतों में आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। 

आग की चपेट में आकर लगभग 25 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। सूचना मिलने पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने किसानों की मदद से किसी तरह आग पर नियंत्रण पाया। घटना के बाद किसान नेताओं ने प्रशासन से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है। 

शार्ट सर्किट से गेहूं की फसल स्वाहा 

वही दूसरी तरफ यूपी के प्रयागराज जिले के नारीबारी क्षेत्र अंतर्गत सूरवल चंदेल गांव में शॉर्ट सर्किट से लगी आग में किसानों की लगभग तीन बीघा गेहूं की खड़ी फसल जलकर स्वाहा हो गई। ग्रामीणों के अनुसार खेतों के ऊपर से गुजर रहे जर्जर और ढीले विद्युत तारों में अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया। चिंगारी गिरते ही सूखी गेहूं की फसल में आग लग गई और तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल गई। खेतों में मौजूद किसानों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लपटें तेजी से फैलने के कारण उस पर तत्काल काबू नहीं पाया जा सका। 

सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से आग पर नियंत्रण पाया, लेकिन तब तक तीन बीघा से अधिक फसल जल चुकी थी। ग्रामीणों और किसानों ने आरोप लगाया कि हादसे के लिए बिजली विभाग की लापरवाही जिम्मेदार है। 

उनका कहना है कि गांव में लगे बिजली के तार काफी पुराने और जर्जर हैं तथा कई स्थानों पर नीचे लटक रहे हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। किसानों ने बताया कि इस संबंध में पहले भी कई बार शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

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