Pratapgarh News : निजी स्कूलों की लूट पर डीएम हुए सख्त, ड्रेस-किताबों की बाध्यता पर होगी कार्रवाई

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
On

प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में निजी विद्यालयों द्वारा मनमानी शुल्क वसूली और अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम-2018 एवं संशोधन अधिनियम-2020 के तहत कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। 

बैठक में निजी स्कूलों की फीस वृद्धि, किताबों, ड्रेस एवं अन्य सामग्री की अनिवार्यता जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया कि जनपद के सभी निजी विद्यालयों द्वारा की जाने वाली शुल्क वृद्धि से संबंधित जानकारी समिति के समक्ष प्रस्तुत की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कोई विद्यालय अभिभावकों से निर्धारित शुल्क से अधिक फीस वसूलता है अथवा किसी विशेष दुकान से किताबें, ड्रेस, जूते या मोजे खरीदने का दबाव बनाता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल नोटिस जारी कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी निजी विद्यालय नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से 60 दिन पहले अपनी वेबसाइट एवं विद्यालय के सूचना पट्ट पर शुल्क विवरण सार्वजनिक करना सुनिश्चित करें। वहीं वर्तमान शैक्षणिक वर्ष में अधिनियम लागू होने के 30 दिनों के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि किसी छात्र, अभिभावक अथवा शिक्षक संगठन की ओर से शिकायत प्राप्त होती है, तो जिला शुल्क नियामक समिति उसकी जांच कर दोषी विद्यालयों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई करेगी।

प्रथम बार नियमों के उल्लंघन पर विद्यालय को अधिक वसूली गई फीस वापस करने के साथ एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। दूसरी बार उल्लंघन होने पर पांच लाख रुपये तक का अर्थदंड लगाया जाएगा। जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय ने सभी निजी विद्यालयों को चेतावनी देते हुए कहा कि शुल्क विनियमन अधिनियम के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। 

संबंधित समाचार