Uttrakhand: इंग्लिश चैनल फतह करने वाली तन्वी चव्हाण-देवरे की नजर अब नॉर्थ चैनल पर
नैनीताल, अमृत विचार। तन्वी चव्हाण‑देवरे इन दिनों नैनी झील में कड़ी मेहनत कर रही हैं। नागपुर की रहने वाली यह तैराक इंग्लिश चैनल पार कर इतिहास रच चुकी हैं और अब नॉर्थ चैनल को पार करने की तैयारी में जुटी हैं। इसके लिए वह नैनीताल की ठंडी झील में लगातार अभ्यास कर रही हैं।
नैनी झील देश के सबसे ठंडे जल निकायों में गिनी जाती है और अंतरराष्ट्रीय स्तर के तैराकों के लिए प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनती जा रही है। यहां का तापमान इंग्लिश चैनल सहित दुनिया के कई ठंडे समुद्री क्षेत्रों के बराबर माना जाता है, जिससे यह ओपन वॉटर स्विमिंग के लिए बेहद उपयुक्त साबित हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि नैनी झील का ठंडा पानी और प्राकृतिक परिस्थितियां इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर की ओपन वॉटर स्विमिंग के लिए आदर्श बनाती हैं। तन्वी की इस तैयारी से एक बार फिर नैनीताल का नाम अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर उभर रहा है और उनकी उपलब्धियां महिलाओं व युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन रही हैं।
इंग्लिश चैनल पार कर बनाई पहचान
35 वर्षीय तन्वी चव्हाण-देवरे, जो दो बच्चों की मां हैं, ने इंग्लिश चैनल पार कर नया इतिहास रचा। उन्होंने करीब 17 घंटे में 42 किलोमीटर की दूरी तैरकर तय की। इंग्लिश चैनल को दुनिया के सबसे कठिन और खतरनाक जलमार्गों में गिना जाता है, जिसे पार करना अनुभवी तैराकों के लिए भी चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
कठिन चैनल को पार करने वाली भारत की पहली मां बनीं
तन्वी ने अपने दो साथियों के साथ यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस के बीच स्थित इस कठिन चैनल को पार किया और ऐसा करने वाली भारत की पहली मां बनीं। इस उपलब्धि ने उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
नैनीताल में किया ठंडे पानी में अभ्यास
इंग्लिश चैनल की तैयारी के लिए तन्वी ने नैनीताल को ही अपना प्रशिक्षण केंद्र बनाया था। उन्होंने करीब 11 डिग्री सेल्सियस तापमान में अभ्यास कर खुद को तैयार किया। इसी कठिन अभ्यास के बाद उन्हें इंग्लिश चैनल पार करने की अनुमति मिली थी।
अब नॉर्थ चैनल पर नजर
इंग्लिश चैनल फतह करने के बाद अब तन्वी की नजर नॉर्थ चैनल पर है, जो अत्यधिक ठंडे पानी और खतरनाक परिस्थितियों के लिए जाना जाता है। इसी चुनौती के लिए वह एक बार फिर नैनी झील में खुद को तैयार कर रही हैं।
