एआई आधारित ‘लिवर पूप’ ऐप से होगी नवजातों में लिवर रोग की पहचान, अपर मुख्य सचिव ने किया अवलोकन
ऐप को प्रदेशभर में लागू करने के निर्देश
लखनऊ, अमृत विचार : प्रदेश में नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य को लेकर एक अहम पहल की गई है। अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अमित कुमार घोष ने एआई आधारित ‘लिवर पूप’ मोबाइल एप्लिकेशन के प्रस्तुतीकरण का अवलोकन किया। यह ऐप नवजातों में गंभीर लिवर रोगों की शुरुआती पहचान में मदद करेगा।
इस ऐप को डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के बाल रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. पीयूष उपाध्याय ने विकसित किया है। उन्होंने बताया कि करीब 3 वर्षों के प्रयास से तैयार यह एप विशेष रूप से 0-1 वर्ष तक के बच्चों में बिलियरी एट्रेसिया जैसे गंभीर लिवर रोग की स्क्रीनिंग करता है।
अपर मुख्य सचिव ने इसे स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाने वाला महत्वपूर्ण नवाचार बताते हुए प्रदेशभर में लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह ऐप आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं और अभिभावकों के लिए उपयोगी साबित होगा, जिससे जन्म के तुरंत बाद ही गंभीर बीमारियों की पहचान संभव हो सकेगी।
कैसे करता है काम
यह ऐप शिशु के मल के रंग के आधार पर बीमारी की पहचान करता है। यदि मल का रंग संदिग्ध पाया जाता है, तो यह पेशाब के रंग और अन्य संकेतों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करता है, जिससे डॉक्टर शुरुआती स्तर पर ही स्थिति का आकलन कर सकते हैं।
40 भाषाओं में उपलब्ध, मुफ्त सेवा
यह ऐप 40 भाषाओं में निःशुल्क उपलब्ध है और जल्द ही गूगल प्ले स्टोर व एप्पल ऐप स्टोर पर भी जारी किया जाएगा। फिलहाल इसे ऑनलाइन डाउनलोड किया जा सकता है।
