बीस हजार रुपये न्यूनतम वेतन की खबर फर्जी, यूपी सरकार ने किया स्पष्ट
गौतमबुद्धनगरः उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्धनगर जिलाधिकारी ने मंगलवार को सरकार द्वारा जारी न्यूनतम वेतन विज्ञप्ति के संबंध में जानकारी प्रेषित कर साझा की। जिसमें बताया गया कि सोशल मीडिया पर श्रमिकों के न्यूनतम वेतन को 20 हजार रुपये प्रति माह निर्धारित किए जाने की खबर को उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरी तरह भ्रामक और निराधार बताया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि अभी ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है और इस तरह की खबरें केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही हैं।
भारत सरकार द्वारा नई श्रम संहिताओं (लेबर कोड) के तहत राष्ट्रीय स्तर पर न्यूनतम 'फ्लोर वेज' तय करने की प्रक्रिया जारी है। इसका उद्देश्य देशभर के श्रमिकों के लिए एक समान न्यूनतम वेतन की आधार रेखा तय करना है, ताकि सभी को न्यायसंगत पारिश्रमिक मिल सके। इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार भी नियोक्ता संगठनों और श्रमिक संगठनों सहित सभी पक्षों के साथ लगातार संवाद कर रही है।
सभी सुझावों और आपत्तियों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है, जिससे संतुलित और व्यावहारिक निर्णय लिया जा सके। जिसको लेकर सरकार द्वारा गठित समिति ने देर रात नए वेतनमान एक अप्रैल से लागू किए जो निम्नलिखित हैं
अकुशल श्रमिक: 11 हजार 313 रुपये 65 पैसे मासिक (435.14 रुपये प्रतिदिन), अर्धकुशल श्रमिक: 12 हजार 446 रूये मासिक (478.69 रुपये प्रतिदिन), कुशल श्रमिक: 13,940.37 रुपये मासिक (536.16 रुपये प्रतिदिन) है।
सरकार ने अंतरिम रूप से वेतन में वृद्धि का भी निर्णय लिया है-जिसमें गौतमबुद्ध नगर एवं गाजियाबाद के लिए, अकुशल: 13,690 रुपये, अर्धकुशल: 15,059 रुपये, कुशल: 16,868 रुपये अन्य नगर निगम क्षेत्रों में, अकुशल: 13,006 रुपये, अर्धकुशल: 14,306 रुपये, कुशल: 16,025 रुपये,अन्य जनपदों में, अकुशल: 12,356 रुपये, अर्धकुशल: 13,591 रुपये, कुशल: 15,224 रुपये निर्धारित किया गया है।
सरकार ने बताया कि नए श्रम कानूनों की नियमावली अभी प्रक्रिया में है और जल्द ही वेज बोर्ड (वेतन बोर्ड) का गठन किया जाएगा, जिसकी सिफारिशों के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आम जनता से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही विश्वास करें और अफवाहों से बचें। साथ ही नियोक्ताओं से कहा गया है कि वे श्रमिकों को समय पर वेतन, ओवरटाइम भुगतान, साप्ताहिक अवकाश, बोनस और सामाजिक सुरक्षा के सभी अधिकार सुनिश्चित करें।
इसके अलावा, सरकार ने अराजक तत्वों द्वारा की जा रही गैर-कानूनी गतिविधियों की कड़ी निंदा करते हुए ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। फिलहाल 20,000 रुपये न्यूनतम वेतन लागू होने की खबर पूरी तरह गलत है, जबकि सरकार चरणबद्ध तरीके से वेतन सुधार की दिशा में आगे बढ़ रही है, ताकि श्रमिकों और उद्योग दोनों के हितों में संतुलन बना रहे।
