UP: स्मार्ट मीटर बने समस्या, दो से तीन गुना आ रहा बिल, उपभोक्ता परेशान

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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बदायूं, अमृत विचार। विद्युत विभाग द्वारा लगाए गए स्मार्ट मीटर अब उपभोक्ताओं को परेशानी का कारण गए हें। उपभोक्ताओं का दो से तीन गुना बिजली बिल आ रहा है। बिजली विभाग द्वारा स्मार्ट मीटरों को चेक नहीं कराया जा रहा है। परेशान उपभोक्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बिजली विभाग द्वारा दो साल से जनपद में स्मार्ट मीटर लगाने का काम चल रहा है। अब तक जिले में एक लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। जो अब चालू कर दिये गए हैं। स्मार्ट मीटर चलने के बाद उपभोक्ता ठगे से महसूस कर रहे हैं।

बिसौली में उपभोक्ताओं का आरोप है कि प्रीपेड मीटर रिचार्ज कराने के बाद बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि हर माह लगभग 5 हजार रुपये तक का रिचार्ज कराने के बावजूद उनके विद्युत खातों में नेगेटिव बैलेंस की समस्या आ रही है, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। उपभोक्ता रमेश, अनुज, नेम, मुकेश लीलावती, कल्लू,बाबु, भूरे, कामिल और रिहाना आदि ने आरोप लगाया कि नियमित रूप रिचार्ज कराने के बाद भी खाते में बैलेंस दिखाकर बिजली आपूर्ति अवरुद्ध कर दी जाती है। 

ऐसे उपभोक्ता प्रीपेड मीटर संकट जूझ रहे हैं। कस्बे के लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग के कर्मचारी और अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिसके कारण समस्या जस की तस बनी हुई है। उपभोक्ताओं में गहरा असंतोष व्याप्त है। उपभोक्ताओं का कहना है कि लगातार विद्युत अधिकारियों से शिकायत करते हैं, लेकिन न तो उनके फोन उठाए जाते हैं और न ही समस्या का कोई समाधान किया जाता है। उधर सहसवान बिल्सी और उसहैत उझानी क्षेत्र से भी स्मार्ट मीटर को लेकर हंगामा हो चुका है।

रिचार्ज कराने के बाद भी नहीं मिल रही सप्लाई
जनपद में कुछ स्थानों से प्रीपेड मीटर में बैलेंस होने के बाद भी सप्लाई नहीं आने की शिकायत मिल रही हैं। बैलेंस खत्म होने पर अगले दिन रिचार्ज कराने पर भी बिजली सप्लाई नहीं दी जाती है। दो दो दिन लोग परेशान हो रहे हैं। गर्मियों में विभाग की मनमानी से उपभोक्ताओं को नई समस्या से जूझना पड़ रहा है। इस पर विभाग कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

अधीक्षण अभियंता चंद्रशेखर कुमार ने बताया कि विभाग जबरन स्मार्ट मीटर नहीं लगा रहा है। यदि उपभोक्ता चाहे तो लगवाए। इसके लिए दबाव नहीं बनाया जा रहा है। अभी तक एक लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। अब कुछ जगहों से विरोध की सूचना है । हालांकि प्रीपेड स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता को ही फायदा है।

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