महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में करें वोट... लोकसभा में मतदान से पहले पीएम मोदी ने की सदस्यों से अपील

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन के लिए चल रही चर्चा के बीच सांसदों से सोच-विचार करके पूरी संवेदनशीलता से निर्णय लेने तथा महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करने की अपील की है। लोकसभा में यह चर्चा गुरुवार को शुरू हुई थी और मैराथन चर्चा तथा इस पर जवाब के बाद शाम को मतदान होना निर्धारित है।

पीएम मोदी ने कल इस चर्चा में हिस्सा लेते हुए सांसदों से राजनीति से ऊपर उठकर इसका समर्थन करने को कहा था। शुक्रवार को उन्होंने मतदान से पहले सभी सांसदों से सोशल मीडिया के माध्यम से अपील कर कहा, "संसद में इस समय नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पर चर्चा चल रही है। कल रात भी एक बजे तक चर्चा चली है। जो भ्रम फैलाए गए, उनको दूर करने के लिए तर्कबद्ध जवाब दिया गया है। हर आशंका का समाधान किया गया है।

जिन जानकारियों का अभाव था, वो जानकारियां भी हर सदस्य को दी गई हैं। किसी के मन में विरोध का जो कोई भी विषय था, उसका भी समाधान हुआ है। महिला आरक्षण के इस विषय पर देश में चार दशक तक बहुत राजनीति कर ली गई है। अब समय है कि देश की आधी आबादी को उसके अधिकार अवश्य मिलें। आजादी के इतने दशकों बाद भी भारत की महिलाओं का निर्णय प्रक्रिया में इतना कम प्रतिनिधित्व रहे, ये ठीक नहीं।

अब कुछ ही देर लोकसभा में मतदान होने वाला है। मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं… अपील करता हूं...कृपया करके सोच-विचार करके पूरी संवेदनशीलता से निर्णय लें, महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करें। मैं देश की नारी शक्ति की तरफ से भी सभी सदस्यों से प्रार्थना करूंगा… कुछ भी ऐसा ना करें, जिनसे नारीशक्ति की भावनाएं आहत हों। देश की करोड़ों महिलाओं की दृष्टि हम सभी पर है, हमारी नीयत पर है, हमारे निर्णय पर है। कृपया करके नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का साथ दें।"

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि यह सांसदों के लिए बड़ा अवसर है और वे अपनी मां , बहन, बेटी और पत्नी सभी का स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा के आधार पर निर्णय लें। उन्होंने कहा , "मैं सभी सांसदों से कहूंगा...आप अपने घर में मां-बहन-बेटी-पत्नी सबका स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा को सुनिए ...देश की नारीशक्ति की सेवा का, उनके वंदन का ये बहुत बड़ा अवसर है।

उन्हें नए अवसरों से वंचित नहीं करिए। ये संशोधन सर्वसम्मति से पारित होगा, तो देश की नारीशक्ति और सशक्त होगी… देश का लोकतंत्र और सशक्त होगा। आइए… हम मिलकर आज इतिहास रचें। भारत की नारी को… देश की आधी आबादी को उसका हक दें।" उल्लेखनीय है कि सरकार ने वर्ष 2023 में महिलाओं को विधायिका में 33 प्रतिशत आरक्षण देने से संबंधित नारी शक्ति वंदन विधेयक पारित किया था। अब इस कानून को अमल में लाने के लिए संबंधित अधिनियम में संशोधन किया जा रहा है। 

 

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