World Liver Day: जंक फूड और बढ़ता स्क्रीन टाइम बच्चों को बना रहा फैटी लिवर का शिकार

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Published By Muskan Dixit
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हर 10 में तीन बच्चे फैटी लिवर के शिकार, बदलती लाइफस्टाइल बन रही खतरा

लखनऊ, अमृत विचार : बदलती जीवनशैली और खानपान की आदतों का असर अब बच्चों की सेहत पर गंभीर रूप से देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार जंक फूड का अधिक सेवन और बढ़ता स्क्रीन टाइम बच्चों में फैटी लिवर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन रहा है। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के गैस्ट्रोमेडिसिन विभाग में ऐसे मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। ओपीडी में आने वाले हर 10 में से तीन बच्चे फैटी लिवर के शिकार है। यह जानकारी विश्व लिवर दिवस के मौके पर केजीएमयू में गैस्ट्रोमेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुमित रूंगटा ने शनिवार को साझा की।

डॉ. सुमित का कहना कि पहले यह बीमारी मुख्य रूप से वयस्कों में पाई जाती थी, लेकिन अब कम उम्र के बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। अत्यधिक तली-भुनी चीजें, पैकेज्ड फूड, मीठे पेय पदार्थ और फास्ट फूड का लगातार सेवन बच्चों के शरीर में अतिरिक्त वसा जमा कर रहा है, जिससे लिवर पर असर पड़ता है।

इसके साथ ही मोबाइल, टीवी और कंप्यूटर पर लंबे समय तक बिताया जाने वाला समय बच्चों की शारीरिक गतिविधियों को कम कर रहा है। खेलकूद और व्यायाम की कमी के कारण शरीर में फैट बढ़ता है, जो आगे चलकर फैटी लिवर की समस्या को जन्म देता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही खान-पान और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर बच्चों को इस बढ़ती समस्या से काफी हद तक बचाया जा सकता है।

फैटी लिवर के प्रमुख लक्षण

-पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द या भारीपन

-थकान और कमजोरी

-भूख में कमी

-तेजी से वजन बढ़ना

-कभी-कभी उल्टी या मतली

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बचाव के उपाय

-बच्चों का स्क्रीन टाइम सीमित करें

-रोजाना कम से कम एक घंटा खेलकूद जरूरी

-जंक और प्रोसेस्ड फूड से दूरी

-आहार में फल, सब्जियां और प्रोटीन शामिल करें

-नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं

संतुलित आहार और सक्रिय जीवनशैली ही लिवर को रखेगी स्वस्थ

संजय गांधी स्नातकोत्तर चिकित्सा संस्थान (एसजीपीजीआई) के हेपेटोलॉजी विभाग की ओर से विश्व लिवर दिवस के अवसर पर शनिवार को जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में फैटी लिवर और मोटापे से बचाव के उपायों पर जानकारी दी गई।

हेपेटोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. अमित गोयल ने कहा कि बिगड़ती जीवनशैली के कारण बच्चों और बड़ों दोनों में फैटी लिवर और मोटापे के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि समय रहते सावधानी न बरती गई तो यह समस्या गंभीर बीमारियों का रूप ले सकती है।

कार्यक्रम में आहार विशेषज्ञों ने फैटी लिवर के मरीजों के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाकर, हरी सब्जियां, फल और प्रोटीन युक्त भोजन को दैनिक आहार में शामिल करना बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञों ने कहा कि नियमित व्यायाम, सीमित स्क्रीन टाइम और संतुलित खानपान अपनाकर फैटी लिवर और मोटापे जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है।

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