Bareilly: आपकी अमरनाथ यात्रा को फीका कर सकते हैं साइबर ठग, सोशल मीडिया पर आने लगे लिंक
बरेली, अमृत विचार। अमरनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है, वहीं साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं। 15 अप्रैल से शुरू होने वाली यात्रा से पहले सोशल मीडिया पर फर्जी लिंक और मैसेज फैलाए जा रहे हैं, जिनके जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाने की योजना है।
प्रेमनगर के नेहरू पार्क कॉलोनी निवासी सुप्रीम कोर्ट साइबर बार के चेयरमैन अनुज अग्रवाल ने बताया कि अमरनाथ और चारधाम यात्रा के नाम पर हर साल बड़ी संख्या में साइबर ठगी के मामले सामने आते हैं। ठग खुद को ट्रैवल एजेंट या अधिकृत संस्था का प्रतिनिधि बताकर लोगों को रजिस्ट्रेशन, हेलीकॉप्टर बुकिंग और वीआईपी दर्शन के नाम पर फर्जी लिंक भेजते हैं।
इन लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल फोन में ‘रिमोट एक्सेस ट्रोजन (आरएटी)’ इंस्टॉल हो जाता है, जिससे ठग आपके फोन का पूरा नियंत्रण हासिल कर लेते हैं। इसके बाद बैंक डिटेल, ओटीपी और निजी जानकारी आसानी से चोरी कर ली जाती है। अनुज अग्रवाल ने कहा किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और केवल आधिकारिक वेबसाइट या विश्वसनीय स्रोतों से ही यात्रा से जुड़ी जानकारी लें। अपने टिकट को अधिकृत एजेंसी के माध्यम से ही बुक कराएं। यदि कोई संदिग्ध कॉल या मैसेज आए तो नजरअंदाज करें या इसकी सूचना साइबर हेल्पलाइन पर दें।
भावनाओं से खेलते है साइबर ठग
साइबर ठग लोगों की भावनाओं से खेलते हैं। वह ऐसे मैसेज भेजते हैं जिससे आप तुरंत उनके मैसेज पर क्लिक करते हैं। ठग इस तरीके के मैसेज भेजते हैं कहीं ये आपके बेटे की तस्वीर तो नहीं, देखिए आपकी पत्नी क्या कर रही है या आपकी बेटी का वीडियो जैसे भ्रामक संदेशों के जरिए लोगों को क्लिक करने के लिए उकसाया जा रहा है। साइबर अपराधी गैस सिलेंडर बुकिंग, कोरियर डिलीवरी और बैंक अपडेट के नाम पर भी लिंक भेज रहे हैं। इन लिंकों से हमेशा सावधान रहे। अपना ओटीपी किसी को भी न बताए।
एसपी सिटी मानुष परीक ने बताया कि साइबर ठगी के मामलों पर नजर रखी जा रही है और लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके लिए अलग से थाना भी बनाया गया है वहीं पर विवेचना भी होती है। ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 पर फोन करें।
