यूपी खादी एवं ग्रामोद्योग रोजगार योजना से ग्रामीणों को मिलेगा सहारा, शिक्षित ग्रामीण युवाओं को मिलेगा 10 लाख तक ऋण
वाराणसी। शिक्षित ग्रामीण युवाओं को शहरों की ओर पलायन रोकने के लिए गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा संचालित मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना एक महत्वपूर्ण पहल है। योगी सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के इच्छुक उद्यमियों को अपना व्यवसाय स्थापित करने के लिए बैंकों के माध्यम से अधिकतम 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराएगी।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी यूपी. सिंह ने बताया कि वाराणसी के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल 11 इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके अंतर्गत 55 लाख रुपये की वित्तीय सहायता का प्रावधान है। इस योजना के माध्यम से लगभग 220 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत वर्ष 2017-18 से अब तक कुल 83 इकाइयों को 439.95 लाख रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है। योजना के अंतर्गत सामान्य वर्ग के पुरुष लाभार्थियों को नियमानुसार पूंजीगत ऋण पर मात्र 4 प्रतिशत ब्याज ही वहन करना होगा, जबकि शेष ब्याज की भरपाई शासन द्वारा की जाएगी।
वहीं आरक्षित वर्ग के लाभार्थियों को पूंजीगत ऋण पर समस्त ब्याज ब्याज उपदान के रूप में तथा सामान्य वर्ग के पुरुष लाभार्थियों को 4 प्रतिशत अधिकतम 10 प्रतिशत तक ब्याज उपदान उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक ग्रामीण क्षेत्र का निवासी होना अनिवार्य है तथा उसकी आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
