Barabanki Station Accident : बिखर गया परिवार, बाबा-चाचा के साथ गए मासूम
बाराबंकी, अमृत विचार। गुरुवार रात ट्रेन पर चढ़ते समय हुए हादसे ने न सिर्फ परिवार को बिखेर दिया, बल्कि मासूम बच्चे अपनी छत तलाशते रह गए। लखनऊ ट्रामा सेंटर में हुए ऑपरेशन के बाद पत्नी की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। शुक्रवार सुबह जिसने इस घटना के बारे में सुना, उसका ह्दय द्रवित हो गया। विधि के विधान के आगे सब बेबस दिखे।
मुख्यालय स्थित रेलवे स्टेशन पर गुरुवार की रात आजमगढ़ जाने के लिये उत्सर्ग एक्सप्रेस ट्रेन पर चढ़ने के प्रयास में लखन्ऊ के गोमतीनगर निवासी मनोज ट्रेन के नीचे आ गए, वहीं उसे बचाने के प्रयास में नीचे गिरी पत्नी वंदना का पैर बुरी तरह जख्मी हो गया। उधर घटना होते ही मौके पर हड़कंप मचा, तत्काल ट्रेन रुकवाकर दंपति के बच्चों को नीचे उतारा गया। मौके पर पड़ा शव पोस्टमार्टम के लिए जबकि घायल पत्नी को इलाज के लिए भेजा गया।
उधर इस घटनाक्रम से अंजान पर माता पिता को पास न पाकर बिलख रही दंपति की बेटी हिमांशी 7, स्नेहा 4, अंशिका 6 माह को पुलिसकर्मियों ने संभाला। छोटे भाई को गोद में लेकर हिमांशी लोगों से यही पूछती रही कि मम्मी पापा कब आएंगे। पर होनी ने जो किया, वह बच्चों से बताने का साहस किसी में नही था। मौजूद लोग भी विधि के इस विधान पर बेबस नजर आए। बुरी तरह जख्मी वंदना का इलाज जारी है। वहीं घटना की जानकारी होते ही बाराबंकी आए मृतक मनोज के पिता व भाई मासूमों को अपने साथ लेकर चले गए। परिजन भी इस हादसे में गम में डूबे हुए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल मासूमों की परवरिश का है।

कायाकल्प पर करोड़ों खर्च, एक स्ट्रेचर तक नहीं
अमृत भारत योजना के तहत सज संवर रहे रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं की कलई खोलने का काम गुरुवार रात हुई घटना ने किया। करीब नौ बजकर आठ मिनट पर हुई इस घटना के बाद का दृश्य हैरान कर देने वाला रहा। दो नंबर प्लेटफार्म पर घायल महिला व पति का शव पड़ा रहा, पुलिस पहुंची पर वह बेबस खड़ी रही। वजह 08.48 पर बाराबंकी पहुंची उत्सर्ग एक्सप्रेस 09.18 पर गंतव्य के लिए रवाना हुई।
मौके पर स्ट्रेचर था नहीं कि दोनों को उस पर रखकर पुल पार करा लेते इसलिए ट्रेन के जाने का और एंबुलेंस के आने का इंतजार किया गया। ट्रेन के जाने बाद रेल पटरी होकर दंपति को पार कराया जा सका। लोग ताने मारते रहे कि करोड़ों खर्च का फायदा ही आखिर क्या है। इस दौरान आरपीएफ ने भी काफी दौड़भाग की पर राहत के लिए कम लोगों के मोबाइल में वीडियो शूट बंद करवाने पर ज्यादा ध्यान रहा। जिससे कहीं अव्यवस्थाओं का काला चिट्ठा सोशल मीडिया के माध्यम से बाहर न आ जाए।
