रफ्तार का कहर : अयोध्या-रायबरेली हाईवे पर एक माह में 39 दुर्घटनाएं, सात की मौत

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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चेतावनी संकेतकों का अभाव, वाहनों की तेज रोशनी रोकने की व्यवस्था न होना प्रमुख कारण

इनायतनगर/अयोध्या, अमृत विचार : अयोध्या-रायबरेली राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कुमारगंज और इनायतनगर क्षेत्र में एक महीने में करीब 39 सड़क हादसे हुए। इनमें सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। बढ़ते हादसों ने हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों और यातायात विशेषज्ञों के अनुसार दुर्घटनाओं के पीछे कई कारण हैं। इसमें हाईवे पर पर्याप्त चेतावनी संकेतकों का अभाव, डिवाइडरों के बीच रात में सामने से आने वाले वाहनों की तेज रोशनी रोकने की समुचित व्यवस्था न होना तथा गलत दिशा में वाहनों का संचालन प्रमुख कारणों में शामिल हैं। मृतकों में अधिकांश बाइक सवार युवक रहे हैं, जो तेज रफ्तार और हेलमेट का प्रयोग न करने के कारण हादसों का शिकार हुए।

हाल के दिनों में कई घटनाएं सामने आई हैं। तीन जून को इनायतनगर थाना क्षेत्र के कुचेरा-शाहगंज मोड़ के पास डंपर की टक्कर से रामसागर यादव की मौत हो गई थी। वहीं 22 मई को मिल्कीपुर पेट्रोल पंप के पास तेज रफ्तार पिकअप वाहन की चपेट में आने से राम जियावन की जान चली गई। 11 जून को कुमारगंज क्षेत्र के रमेशनगर नहर के पास खड़ी बस में डंपर की टक्कर से बस कंडक्टर संतोष गुप्ता की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए।

कुचेरा निवासी संतोष ने बताया कि अयोध्या से कुमारगंज तक हाईवे पर स्पीड डिस्प्ले मीटर की व्यवस्था नहीं है। पिठला बॉर्डर के पास लगा मीटर भी अक्सर खराब रहता है। एनएचएआई के अधिकारी रवि राय का कहना है कि डिवाइडरों के बीच सूख चुके पौधों के स्थान पर नए पौधे लगाए जाएंगे, जिससे रात में तेज रोशनी का प्रभाव कम होगा और सड़क सुरक्षा में सुधार आएगा। स्थानीय दिलीप कुमार, भोला मिश्रा, पवन कुमार, सहित दर्जनों लोगों ने हाईवे पर तत्काल सुरक्षा उपाय बढ़ाने की प्रशासन से मांग की है।

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