बदायूं कांड से सबक : फरीदपुर HPCL प्लांट की सुरक्षा के लिए जल्द खुलेगी पुलिस चौकी

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Published By Monis Khan
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सिमरा केशोपुर गांव में स्थापित कराई जा रही चौकी, ग्राम पंचायत ने भी आवंटित की जमीन

फरीदपुर क्षेत्र के गांव सिमरा केशोपुर में निर्माणाधीन एचपीसीएल रिन्यूवल एंड ग्रीन एनर्जी लिमिटेड परियोजना की सुरक्षा को जल्द ही पुलिस चौकी स्थापित कर दी जाएगी। प्रशासन की पहल पर ग्राम समाज की जमीन पंचायत ने पुलिस गृह विभाग को आवंटित कर दी है, जिसके बाद कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ रही है।

बरेली, अमृत विचार। बदायूं के एचपीसीएल प्लांट में दो अफसरों की हत्या की घटना से सबक लेकर बरेली में भी सुरक्षा के इंतजाम कड़े किए जा रहे हैं। फरीदपुर क्षेत्र के गांव सिमरा केशोपुर में निर्माणाधीन एचपीसीएल रिन्यूवल एंड ग्रीन एनर्जी लिमिटेड परियोजना की सुरक्षा को जल्द ही पुलिस चौकी स्थापित कर दी जाएगी। प्रशासन की पहल पर ग्राम समाज की जमीन पंचायत ने पुलिस गृह विभाग को आवंटित कर दी है, जिसके बाद कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ रही है।

प्लांट का मेन गेट चौकी के लिए मुफीद
फरीदपुर क्षेत्र के सिमरा केशोपुर गांव में पुलिस चौकी की स्थापना के लिए एसएसपी की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि एचपीसीएल परियोजना बड़ा औद्योगिक निवेश है। प्लांट की सुरक्षा, मजबूत कानून व्यवस्था और चोरी जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए परियोजना स्थल के पास पुलिस चौकी की आवश्यकता महसूस की गई है। क्षेत्राधिकारी फरीदपुर की रिपोर्ट साफ किया गया है कि प्लांट के मुख्य द्वार और सड़क के बीच स्थित सरकारी भूमि पुलिस चौकी निर्माण के लिए सबसे उपयुक्त है। 

भेजा गया पुनर्ग्रहण का प्रस्ताव 
चौकी के लिए 35 गुणा 35 मीटर भूमि की जरूरत होगी। उप जिलाधिकारी फरीदपुर ने भी निरीक्षण के बाद ग्राम सिमरा केशोपुर की गाटा संख्या 105 रकबा 0.0510 हेक्टेयर भूमि का पुनर्ग्रहण प्रस्ताव भेज दिया है। इतना ही नहीं, ग्राम पंचायत की भूमि प्रबंधन समिति ने भी सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर भूमि पुलिस विभाग को आवंटित कर दी है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि एचपीसीएल परियोजना की सुरक्षा को देखते हुए यहां पुलिस चौकी स्थापित कराई जा रही रही है। भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब अगले चरण की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है।

12 मार्च को सेंजनी प्लांट में हुई थी दो अफसरों की हत्या
बदायूं जिले में मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव सेंजनी स्थित एचपीसीएल प्लांट में दिनदहाड़े उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता और सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। प्लांट में काम कर चुके इलाके का दबंग अजय प्रताप सिंह कार में सवार होकर प्लांट में दाखिल हुआ था और डबल मर्डर को अंजाम देकर आसानी से निकल गया। बाद में उसने थाने पहुंचकर पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था। हालांकि गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस हत्या में प्रयुक्त तमंचे की बरामदगी के लिए लेकर गई थी, तो उसने छिपाकर रखे गए हथियार से फायरिंग कर दी थी। 

मुठभेड़ में घायल हुआ था आरोपी
जवाबी कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोलियां लगी थीं। दोहरे हत्याकांड को लेकर पुलिस ने बाद में कई और लोग भी जेल भेजे थे, लेकिन दुस्साहसिक वारदात ने प्लांट की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे। लापरवाही को इंस्पेक्टर मूसाझाग थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मी सस्पेंड हुए थे। शासन ने सीओ का भी तबादला किया था। बदायूं की घटना देखकर बरेली प्रशासन में सिमरा केशोपुर गांव में बन रहे एचपीसीएल प्लांट की सुरक्षा के लिए पहले से पुलिस चौकी स्थापना के प्रयास में जुटा नजर आ रहा है।

 

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