यूपी में 417 फूड एनालिस्ट की होगी नियुक्ति, 18 मंडलों में माइक्रोबायोलॉजिकल लैब, तीन गुना बढ़ेगी खाद्य जांच क्षमता
-आधुनिक तकनीक से घंटों में मिलेगी जांच रिपोर्ट, दूध, मसाले और खाद्य तेलों की होगी सघन निगरानी
लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश में खाद्य पदार्थों में मिलावट पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए योगी सरकार ने खाद्य सुरक्षा प्रयोगशालाओं के विस्तार और विशेषज्ञों की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी माह 417 नए फूड एनालिस्ट की नियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 18 मंडलों में माइक्रोबायोलॉजिकल जांच सुविधाओं से युक्त आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं।
वर्तमान में प्रदेश की छह खाद्य प्रयोगशालाओं में 55 खाद्य विश्लेषक कार्यरत हैं, जिनकी वार्षिक जांच क्षमता लगभग 36 हजार नमूनों की है। नए विश्लेषकों की नियुक्ति के बाद यह क्षमता बढ़कर 1.08 लाख नमूने प्रतिवर्ष हो जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही नव चयनित खाद्य विश्लेषकों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मेरठ, वाराणसी और लखनऊ में माइक्रोबायोलॉजिकल प्रयोगशालाओं का शुभारंभ किए जाने के बाद अब अलीगढ़, सहारनपुर, कानपुर और अयोध्या समेत अन्य मंडलों में भी ऐसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। झांसी, गोरखपुर और आगरा में भी प्रयोगशालाओं के संचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है।
इन आधुनिक प्रयोगशालाओं में खाद्य पदार्थों की 25 से 30 मानकों पर जांच की जा सकेगी। दूध एवं दुग्ध उत्पादों, शहद, खाद्य तेल, मसाले, दाल और मिठाइयों में फंगस, बैक्टीरिया तथा अन्य सूक्ष्म जीवों की मौजूदगी की पहचान भी संभव होगी। विभाग का मानना है कि जांच रिपोर्ट जल्दी मिलने से मिलावटी और प्रदूषित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।
