Moradabad: गर्मी से बिगड़ रहा दिमाग का संतुलन, मानसिक रोगियों की संख्या दोगुनी
मुरादाबाद, अमृत विचार। अप्रैल माह में ही बढ़ती गर्मी का असर अब लोगों की मानसिक सेहत पर भी साफ दिखाई देने लगा है। तापमान में लगातार हो रही वृद्धि के कारण दिमाग का केमिकल संतुलन बिगड़ रहा है, जिससे स्ट्रेस, एंग्जायटी, मूड डिसऑर्डर और स्किजोफ्रेनिया जैसे मानसिक रोगों के मामलों में तेजी आई है।
शहर के मनोरोग विभाग की ओपीडी में इन दिनों बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। कुमार डायग्नोस्टिक सेंटर के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिनव शेखर के अनुसार बढ़ता तापमान शरीर में फील गुड हार्मोन जैसे सेरोटोनिन और डोपामिन के स्तर को प्रभावित करता है। गर्मी के कारण शरीर में डिहाइड्रेशन बढ़ता है, जिससे इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बिगड़ जाता है।
इसका सीधा असर दिमाग के न्यूरोट्रांसमीटर पर पड़ता है, जो तंत्रिका कोशिकाओं के बीच संकेतों का संचार करते हैं। बताया कि तापमान बढ़ने से न्यूरोट्रांसमीटर का संतुलन बिगड़ने पर व्यक्ति के मूड, सोच और व्यवहार पर असर पड़ता है। वर्तमान में कई मरीज नींद न आने, भूख कम लगने, काम में मन न लगने और लगातार थकान महसूस होने जैसी शिकायतों के साथ पहुंच रहे हैं।
ऐसे करें बचाव
- नियमित योग, प्राणायाम या सुबह की सैर करें
- हल्का और सुपाच्य भोजन लें
- तेज धूप में निकलने से बचें
- ठंडे स्थान पर अधिक समय बिताएं
- पर्याप्त नींद लें
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
- पैक्ड और जंक फूड से दूरी बनाएं
