Yash on Toxic: रॉकिंग स्टार यश ने टॉक्सिक फिलॉसफी पर की बात, कहा- सिर्फ एक्शन नहीं, अंधेरे और जज्बातों की गहराई है

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Published By Anjali Singh
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मुंबई। दक्षिण भारतीय फिल्मों के मेगास्टार यश ने अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स पर बात की है। यश का कहना है कि फिल्म का स्केल बड़ा हो तो हर सीन में कुछ अलग तड़का होना चाहिए। "हर सीक्वेंस में अलग स्टाइल, अलग फ्लेवर होना ज़रूरी है।" 

उनके लिए एक्शन सिर्फ धुंआधार स्टंट नहीं, बल्कि फील होने वाला एक्सपीरियंस है"। एक्शन ऐसा होना चाहिए कि दर्द फील हो… मिरर न्यूरॉन्स तक हिल जाएं, तब सिनेमा मज़ा देता है!" 

यश ने कहा कि 'टॉक्सिक' सिर्फ एक्शन का तमाशा नहीं है, ये इमोशंस का डीप डाइव भी है। उन्होंने कहा, "हम फिल्में क्यों देखते हैं? क्योंकि हम हर इमोशन अपनी ज़िंदगी में नहीं जी सकते। फिल्म के ज़रिए हम किसी और की ज़िंदगी जीते हैं, उनके दर्द और संघर्ष समझते हैं।" 

इसी फिलॉसफी के साथ फिल्म में इंसानी जज़्बातों के सबसे डार्क और कॉम्प्लेक्स पहलुओं को पकड़ने की कोशिश की गई है। गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी इस फिल्म में नयनतारा, कियारा आडवाणी, हुमा कुरैशी, रुक्मिणी वसंत और तारा सुतारिया जैसे दमदार चेहरे नज़र आएंगे। फिल्म टॉक्सिक 04 जून 2026 को रिलीज होगी। 

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