Uttrakhand: फिटनेस ओके फिर भी कट रहे ऑनलाइन चालान, वाहन स्वामी परेशान

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Published By Monis Khan
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हल्द्वानी, अमृत विचार। परिवहन विभाग के सर्वर में आई तकनीकी खराबी के चलते इन दिनों वाहन स्वामियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर व्यावसायिक वाहनों के स्वामियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, क्योंकि फिटनेस ओके होने के बावजूद उनके वाहनों का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) ऑनलाइन अपडेट नहीं हो पा रही है। इसकी वजह से सिस्टम में पुरानी स्थिति दिखने के कारण लगातार ऑनलाइन चालान कट रहे हैं। 

आरटीओ कार्यालय में मंगलवार को भी कुछ वाहन स्वामी अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे और अधिकारियों से शिकायत की। वाहन स्वामियों का कहना है कि उन्होंने अपने वाहनों की फिटनेस समय पर करवा ली है, लेकिन सर्वर अपडेट न होने के कारण उन्हें बेवजह चालान भुगतना पड़ रहा है। एक वाहन स्वामी ने बताया कि उसके वाहन पर करीब 15 हजार रुपये का चालान सिर्फ इसलिए कट गया क्योंकि सिस्टम में फिटनेस अपडेट नहीं दिख रही थी। इस तरह की समस्याओं से परेशान होकर वाहन स्वामी रोजाना आरटीओ कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

विभाग के अनुसार, फिटनेस प्रक्रिया पूरी होने के बाद वाहन का विवरण स्वतः ही ऑनलाइन सिस्टम में अपडेट हो जाना चाहिए, लेकिन विभागीय सर्वर में तकनीकी खामी के कारण वाहन स्वामियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एआरटीओ बीके सिंह ने बताया कि समस्या को गंभीरता से लेते हुए देहरादून स्थित परिवहन मुख्यालय को पत्र भेजा गया है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही सर्वर की तकनीकी दिक्कत को दूर कर लिया जाएगा, जिससे वाहन स्वामियों को राहत मिल सकेगी। वाहन स्वामियों ने तकनीकी गड़बड़ी के कारण चालान होने पर नाराजगी जताई है और समस्या को शीघ्र ठीक करने की मांग की है।

एक ही दिन में समान उल्लंघन पर एक वाहन के कटे दो चालान
आरटीओ कार्यालय में अजब-गजब मामला देखने को मिला है। विभाग की प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान एक व्यावसायिक वाहन के एक ही दिन में कुछ घंटों के अंतराल में समान नियमों के उल्लंघन पर दो अलग-अलग चालान कट गए। वाहन स्वामी के अनुसार बीते दिनों उसके वाहन का ऑनलाइन चालान टैक्स जमा नहीं होने पर हुआ। इसके बाद करीब दो घंटे बाद फिर से बिल्कुल इसी तरह का चालान कटने का मैसेज उन्हें मिला। जिस पर उन्हें आश्चर्य हुआ। वह मंगलवार को इस संबंध में जानकारी लेने के लिए एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। जहां उन्हें समाधान का आश्वासन दिया गया।

 

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