अनोखी परंपरा: नेपाल के न्यिनबा समुदाय में आज भी प्रचलित है ‘पांचाली’ प्रथा
हिमालय की ऊंची वादियों में स्थित नेपाल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ कुछ अनोखी और कम ज्ञात परंपराओं के लिए भी पहचाना जाता है। इन्हीं में से एक है ‘पांचाली’ प्रथा, जिसे भ्रातृ बहुपतित्व कहा जाता है। यह परंपरा महाभारत की द्रौपदी की कथा की याद दिलाती है और आज भी नेपाल के सुदूर हुमला जिले में रहने वाले न्यिनबा समुदाय के बीच प्रचलित है। इस प्रथा के अनुसार, एक ही महिला का विवाह परिवार के सभी भाइयों से कराया जाता है। आधुनिक समाज में यह व्यवस्था असामान्य लग सकती है, लेकिन इसके पीछे गहरे सामाजिक और आर्थिक कारण निहित हैं।
हुमला जिले के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र में बसे न्यिनबा लोग अत्यंत कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन करते हैं। समुद्र तल से ऊँचाई पर स्थित इन गांवों में खेती सीमित है और संसाधन बहुत कम हैं। ऐसे में परिवार की जमीन का बँटवारा उनके लिए बड़ी समस्या बन सकता है। यदि प्रत्येक भाई अलग विवाह करे, तो जमीन छोटे-छोटे हिस्सों में बंट जाएगी, जिससे उत्पादन घटेगा और आर्थिक स्थिति कमजोर होगी। इस समस्या से बचने के लिए सभी भाइयों की शादी एक ही महिला से कर दी जाती है, जिससे संपत्ति संयुक्त रहती है और परिवार आर्थिक रूप से स्थिर बना रहता है।
इस व्यवस्था में विवाह सामान्यतः बड़े भाई से होता है, जो परिवार का मुखिया भी होता है। विवाह के बाद महिला सभी भाइयों की पत्नी मानी जाती है और परिवार सामूहिक रूप से जीवन जीता है। घर और आजीविका से जुड़े निर्णय बड़े भाई द्वारा लिए जाते हैं, जबकि अन्य सदस्य भी समान रूप से जिम्मेदारियां निभाते हैं। बच्चों को किसी एक पिता से नहीं जोड़ा जाता, बल्कि पूरे परिवार की संतान माना जाता है, जिससे पारिवारिक विवाद की संभावना कम हो जाती है।
न्यिनबा समुदाय में महिलाएं घर और खेतों का कार्य संभालती हैं, जबकि पुरुष पशुपालन और व्यापार में लगे रहते हैं। जौ, बाजरा और आलू की खेती तथा नमक और ऊन का व्यापार उनकी आजीविका के मुख्य साधन हैं। हालांकि नेपाल सरकार ने 1963 में इस प्रथा पर कानूनी प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन दूरस्थ क्षेत्रों में इसका प्रभाव सीमित रहा है। 1980 के दशक में मानवशास्त्री नैन्सी लेविन ने इस परंपरा का अध्ययन करते हुए इसे केवल सामाजिक कुरीति नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में जीवित रहने की रणनीति बताया। आज भी यह प्रथा वहां के लोगों के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।
