Bareilly : गर्मी में शहर प्यासा, ज्यादा पानी की आशा
महानगरीय क्षेत्र में पानी की मांग बढ़कर 155 एमएलडी तक पहुंची, कई जगह दिक्कत
बरेली, अमृत विचार। मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच शहर में पेयजल किल्लत का शोर भी उठने लगा है। नगर निगम अपने समय से पानी की सप्लाई दे रहा है, लेकिन उस बीच बिजली की आंख-मिचौली से लोग भरपूर पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच महानगरीय क्षेत्र में 155 एमएलडी तक जा पहुंची है, जो सामान्य दिनों में 146 के आसपास नजर आती थी।
शहर में पानी की आपूर्ति फिलहाल सुबह 6 से 9 बजे और शाम 6 से 9 बजे तक सीमित है। बिजली फॉल्ट या लो-वोल्टेज की समस्या के कारण कई बार सप्लाई बाधित हो जाती है। नतीजतन, शहर के कई मोहल्लों में लोगों को पानी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। नगर निगम की जलापूर्ति व्यवस्था मुख्य रूप से 46 ओवरहेड टैंकों पर आधारित है, जिनसे पूरे महानगर में पानी पहुंचाया जाता है। इसके अलावा 96 बड़े नलकूप और 100 मिनी नलकूपों के जरिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। फिर भी बढ़ती डिमांड के आगे यह व्यवस्था कई जगह कमजोर पड़ती दिख रही है।
शहर में लगे 4046 इंडिया मार्का हैंडपंप भी राहत का सहारा बने हुए हैं, लेकिन कई हैंडपंप या तो खराब पड़े हैं या फिर उनमें पर्याप्त पानी नहीं आ रहा है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ रही है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार सर्दियों में पानी की मांग 140 एमएलडी के आसपास बीच रहती है, लेकिन गर्मी में बढ़ जाती है। इस साल तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी के चलते पानी की खपत में अचानक उछाल आया है। डीडीपुरम स्थित कंट्रोल रूम से पूरे शहर की जलापूर्ति की मॉनिटरिंग की जाती है। यहां से टैंकों और नलकूपों के संचालन पर नजर रखी जाती है, लेकिन बिजली फॉल्ट या तकनीकी दिक्कत आने पर कंट्रोल रूम भी बेबस नजर आता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई इलाकों में पानी का प्रेशर काफी कम रहता है, जिससे ऊपरी मंजिलों तक पानी नहीं पहुंच पाता। इसके चलते लोगों को मोटर और पंप का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे बिजली बिल का बोझ भी बढ़ रहा है।जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते जल प्रबंधन और बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में संकट और गहरा सकता है।
पानी पर पड़ रही बिजली की मार
सच ये भी है कि अघोषित बिजली कटौती, ट्रिपिंग और लो वोल्टेज की समस्या पानी की समस्याएं और बढ़ा रही है। कई इलाकों में कम प्रेशर की समस्या बनी रहती है। बिजली फॉल्ट से बार-बार सप्लाई बाधित होना आम बात बन चुकी है। इसके साथ गर्मी में पानी की समस्या को देखते हुए टेैंकरों की मांग में इजाफा होना चाहिए। जिससे शहर में जलसमस्या से लोगों को राहत मिल सके। गर्मी के इस मौसम में शहर की जलापूर्ति व्यवस्था की असली परीक्षा हो रही है। बढ़ती डिमांड और कमजोर बिजली सप्लाई के बीच नगर निगम के सामने बड़ी चुनौती है कि वह कैसे हर घर तक पर्याप्त पानी पहुंचा सके। फिलहाल हालात यह हैं कि शहरवासियों को हर बूंद पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। बीते साल भी नगर निगम में इन्हीं आकड़ों से जलापूर्ति की जा रही थी। इस बार भी वही आकड़े सामने आ रहे हैं।
नगर में जलापूर्ति प्रभावित न हो इसके लिए लगातार काम किया जा रहा है। 46 ओवरहेड टैंकों की अभी जल्द में ही सफाई कराई गई थी, जिससे लोगों को पीने के लिए साफ पानी मिल सके। बिजली आपूर्ति बाधित होने से सप्लाई में समस्या जरूर आती है। -अजीत सिंह, सहायक अभियंता, जल कल।
