Ganga Expressway : विकास को मिलेगी रफ्तार, वरदान साबित होगा गंगा एक्सप्रेस वे
बदायूं के विकास में मील का पत्थर साबित होगा गंगा एक्सप्रेस वे : केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा
बदायूं/विजय नगला, अमृत विचार। बदायूं जिला विकास की राह पर अग्रसर हो गया है। अब जल्द रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। प्रदेश के प्रमुख जिलों से बदायूं की दूरी कम हो गई है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई में मेरठ से प्रयागराज तक बने 594 किमी के गंगा एक्सप्रेस वे के लोकार्पण के बाद प्रदेश को सबसे लंबे एक्सप्रेस वे की सौगात मिली है। जिसको लेकर हर वर्ग उत्साहित है। बिनावर स्थित इंटरचेंज के पास प्रधानमंत्री का लाइव प्रसारण दिखाया गया। मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने कहा कि गंगा एक्सप्रेस वे बदायूं के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
प्रधानमंत्री ने दिसंबर 2021 में शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेस वे की आधारशिला रखी थी। पांच साल से कम समय में ही यह बनकर तैयार हो गया। यह 12 जिलों से होकर गुजर रहा है और लागत 36230 करोड़ रुपये आई। बदायूं में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद इतने विकास कार्य नहीं हुए जितने भाजपा की डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में हुए हैं। गंगा एक्सप्रेस वे बनने से लखनऊ, दिल्ली, मेरठ, प्रयागराज के अलावा पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश की दूरी कम हो गई है। इससे व्यापार बढ़ेगा, रोजगार सृजन होगा, किसानों को लाभ होगा व आमजन को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जो कहती है करके दिखाती है। गरीबों, महिलाओं, पिछड़े, युवाओं और किसानों को ध्यान में रखकर काम करती है। सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास, सबका विश्वास को ध्यान में रखकर काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने पहले 2 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा। अब वर्तमान में 2.70 करोड़ लखपति दीदी हैं। अब 6 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने पर काम चल रहा है।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि बदायूं की गिनती पिछड़े जिलों में होती थी। लेकिन अब गंगा एक्सप्रेस वे बदायूं के लिए वरदान साबित होता। बदायूं प्रदेश के विकास के केंद्र में होगा। एक्सप्रेस वे के पास घटपुरी और डहरपुर में दो औद्योगिक गलियारे बनाए जा रहे हैं। जहां कारखाने स्थापित होंगे। रोजगार सृजन होगा। बदायूं विकास के नए आयाम स्थापित करेगा। एमएलसी वागीश पाठक ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार ने विभिन्न विकास कार्य किए हैं। जिसका सीधा लाभ आमजन तक पहुंचा है। देश व प्रदेश की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि हवाई चप्पल पहनने वाला हवाई जहाज पर चलेगा जो अब सच हो रहा है। बिल्सी विधायक ने कहा कि लोकार्पण ऐतिहासिक क्षण है। अब समय और ईंधन की बचत होगी। श्रद्धालुओं को भी इसका लाभ होगा। प्रयागराज पहुंचकर त्रिवेणी में स्नान करके वापस लौट सकते हैं। सदर विधायक महेश गुप्ता ने कहा कि अच्छा सोचो अच्छा होगा आज नहीं तो कल होगा। आने वाले दिनों में भारत विश्व गुरु बनेगा। दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह ने कहा कि गंगा एक्सप्रेस वे बदायूं व प्रदेश की तस्वीर व तकदीर बदल देगा। पहले दो ही इंटरचेंज बनाए जा रहे थे। लोगों की मांग पर मुख्यमंत्री ने डहरपुर में भी इंटरचेंज बनाने की स्वीकृति दी। आंवला के पूर्व सांसद धर्मेंद्र शाक्य ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का मानना था कि पंक्ति में सबसे आखिरी खड़े हुए व्यक्ति तक विकास कार्य पहुंचने चाहिए। उन्हें योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। केंद्र व प्रदेश सरकार इसी सोच के साथ आगे बढ़ रही है। कार्यक्रम के दौरान लोग वीडियो बनाते दिखे। वहीं अग्निशमन की गाड़ियां और एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री विमल कृष्ण अग्रवाल, वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर गुप्ता, शिशुपाल सिंह, जोगेंद्र सिंह पटेल, विश्वजीत गुप्ता, आरती कश्यप, पूर्व डीसीबी चेयरमैन उमेश राठौड़, शारदेंदु पाठक, अनेकपाल सिंह, रजनी मिश्रा, आशीष शाक्य, पंकज शर्मा, सुधीर श्रीवास्तव, मधुसूदन गुप्ता, अंकित आदि मौजूद रहे।
जिले में 92 किमी के लिए 85 गांव हुए प्रभावित
डीएम अवनीश राय ने बताया कि गंगा एक्सप्रेस वे मेरठ के बिजौली से शुरू होकर प्रयागराज के जुड़ापुर दादू तक जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत 12 जिले मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज के आच्छादित गांवों की संख्या 518 है। बदायूं में गंगा एक्सप्रेस वे बिसौली के गांव ब्यौर कासिमाबाद से दातागंज के गांव खानपुर पंचशाला तक जा रहा है। जिसकी दूरी 92 किमी है। बिसौली के 38, सदर तहसील के 18, बिल्सी के 2 और दातागंज के 27 गांव प्रभावित हुए। जिले में 1200 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई। बिसौली में दूरी 46.40 किमी, बदायूं में 20.40 और दातागंज में 24.20 किमी दूरी कवर की है। जिले में 4 फ्लाईओवर और 3 इंटरचेंज हैं। रामगंगा पर 720 मीटर लंबा पुल बनाया गया है।
औद्योगिक गलियारे के लिए आठ गांवों की जमीन अधिग्रहित
बिनावर में घटपुरी स्थित इंटरचेंज के पास 108 हेक्टेयर जमीन पर औद्योगिक गलियारा विकसित किया जा रहा है। जिसके लिए सदर तहसील के गांव घटपुरी, औरंगाबाद माफी और कुतुबपुर थरा की जमीन ली गई है। इसके अलावा डहरपुर कलां के पास 300 हेक्टेयर में औद्योगिक गलियारा प्रस्तावित है। जिसके लिए गांव बिहारीपुर, छछऊ, डहरपुर कलां, कौल्हाई व डोलापुर की जमीन अधिग्रहित करने की प्रक्रिया चल रही है। कार्यक्रम के दौरान डीएम अवनीश राय, एसएसपी अंकिता शर्मा, एडीएम प्रशासन अरुण कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व वैभव शर्मा, सहायक निदेशक, सूचना आशुतोष चंदोला मौजूद रहे।
पहले दिन चूके लोग, साइन का नहीं रहा ध्यान
कार्यक्रम के बाद जनप्रतिनिधि समेत कई लोग गंगा एक्सप्रेस वे पहुंचे। पल को यादगार बनाने को साइन बोर्ड के पास खड़े होकर फोटो खिंचाए लेकिन इंटरचेंज की वजह से लोग पहले दिन भ्रमित होकर चूक गए। गलत दिशा से वाहन दौड़ाए। आगे जानकारी होने पर वापस लौटे। जबकि एक्सप्रेस वे की सड़क पर तीर के निशान लगाए गए हैं। जो रूट दर्शाते हैं।
गंगा एक्सप्रेस वे पर यह रहेंगी सुविधाएं
गंगा एक्सप्रेस वे किनारे अलर्ट स्ट्रिप्स लगे हैं। चालक को नींद आई तौर वाहन का पहिया स्ट्रिप्स पर गया तो अलग ही कंपन होगा और चालक की नींद खुल जाएगी। इस पर चलने वालों को जगह-जगह डीजल, पेट्रोल से लेकर सीएनजी की सुविधा मिलेगी। वाहन चार्ज भी होंगे। पूरे एक्सप्रेस की सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जा रही है। निर्धारित गति सीमा से ज्यादा गति से चलने पर वाहन का चालान कटेगा। टोल पर भी रुकने की आवश्यकता नहीं है। फास्टैग से टोल कट जाएगा और बूम खुल जाएगा। अभी गंगा एक्सप्रेस वे पर 6 लेन हैं लेकिन आने वाले समय में इसे बढ़ाकर 8 लेन भी की जा सकती है।
जल्द दिखेगी हरियाली, बीच में हुआ पौधारोपण
गंगा एक्सप्रेस वे पर पर्यावरण संरक्षण का भी ध्यान रखा गया है। इसके लिए दोनों साइड की तीन-तीन लेन के बीच पौधरोपण किया गया है। पौधे बड़े होने पर अलग ही रंगत दिखेगी। इसके अलावा एक्सप्रेस वे पर पानी आने पर साइड से बनाई गई गूल से निकल जाएगा।
लखनऊ के लिए सीधी रेल सेवा की तैयारी
केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा के प्रयास से बदायूं से देश की राजधानी के लिए सीधी रेल सेवा शुरू हो गई है। अब बदायूं से प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लिए ट्रेन चलाने की तैयारी चल रही है। केंद्रीय राज्यमंत्री की ओर से रेल मंत्री से पत्राचार किया गया है। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ के लिए जल्द ही रेल सेवा शुरू होने की उम्मीद है।
