खोज: ऐसे हुआ ब्लेड का आविष्कार

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
On

शेविंग के इतिहास में 19वीं सदी का दौर एक बड़ा बदलाव लेकर आया। 1800 के मध्य में पुरुषों के बीच क्लीन शेव के साथ मूंछें रखने का ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय होने लगा, लेकिन उस समय आज जैसे आधुनिक ब्लेड उपलब्ध नहीं थे। शुरुआती दौर में लोग कांसे या धातु की गोल, तेज वस्तुओं से शेव करते थे। बाद में 1890 के आसपास स्ट्रेट रेजर का चलन बढ़ा, जिन्हें टिकाऊ और प्रभावी माना जाता था, लेकिन इन्हें इस्तेमाल करना आसान नहीं था और धार बार-बार तेज करनी पड़ती थी।

इसी समस्या ने अमेरिकी आविष्कारक किंग कैंप जिलेट को नया समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया। पेशे से ट्रैवलिंग सेल्समैन रहे जिलेट को 1895 में शेविंग करते समय यह अहसास हुआ कि रेजर की धार जल्दी खत्म हो जाती है। उन्होंने ऐसा पतला, सस्ता और आसानी से बदला जा सकने वाला ब्लेड बनाने का विचार किया। शुरुआत में मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों ने इसे असंभव माना, लेकिन बाद में आविष्कारक विलियम निकर्सन की मदद से कई वर्षों की मेहनत के बाद यह सपना साकार हुआ। 1903 में पहला सेफ्टी रेजर बाजार में आया और 1904 में इसका पेटेंट कराया गया।

प्रथम विश्व युद्ध के दौरान कंपनी ने अमेरिकी सैनिकों को शेविंग किट उपलब्ध कराई, जिससे इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी। सैनिकों द्वारा लाखों ब्लेड और रेजर के उपयोग ने कंपनी को वैश्विक पहचान दिलाई। आगे चलकर जिलेट ने मल्टी-ब्लेड तकनीक, डिस्पोजेबल रेजर और आधुनिक ग्रूमिंग प्रोडक्ट्स के जरिए बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाई। 2005 में प्रॉक्टर एंड गैंबल द्वारा अधिग्रहण के बाद यह ब्रांड आज भी शेविंग इंडस्ट्री का अग्रणी नाम बना हुआ है।

वैज्ञानिक के बारे में

किंग कैंप जिलेट का जन्म 5 जनवरी 1855 को अमेरिका के विस्कॉन्सिन राज्य में हुआ था। उनके पिता एक हार्डवेयर व्यापारी थे, जिससे उन्हें बचपन से ही व्यवसाय और तकनीक में रुचि मिली। युवावस्था में वे एक ट्रैवलिंग सेल्समैन के रूप में काम करते थे, जिसने उन्हें लोगों की जरूरतों को समझने का अवसर दिया। वे केवल आविष्कारक ही नहीं, बल्कि एक विचारक भी थे और समाज सुधार से जुड़े विचार रखते थे। उन्होंने “The Human Drift” नामक पुस्तक भी लिखी। 1932 में उनका निधन हुआ, लेकिन उनके आविष्कार ने उन्हें अमर बना दिया।