पहले अंधेरा था, अब घर में उजाला... साझा की जिंदगी में बदलाव की कहानी, सीएम से सम्मान पाकर भावुक हुए श्रमिक

Amrit Vichar Network
Published By Virendra Pandey
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लखनऊ, अमृत विचार : ‘श्रमवीर गौरव समारोह-2026’ श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए भावनात्मक और प्रेरणादायक पल लेकर आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सम्मानित होकर श्रमिकों और छात्र-छात्राओं ने न केवल खुशी जताई, बल्कि अपने जीवन में आए बदलाव की कहानी भी साझा की।

राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले श्रमिकों और अटल आवासीय विद्यालयों के मेधावी विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र और टैबलेट देकर सम्मानित किया। सम्मान पाकर सीतापुर के श्रमिक मुन्नालाल भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि पहले हमारे घर में अंधेरा था, मिट्टी के तेल की डिबरी से काम चलता था, लेकिन अब बिजली, आवास और गैस कनेक्शन मिल गया है। ऐसी सरकार पहले कभी नहीं मिली।

बरेली के आकाश बोले-समय पर मजदूरी से बदली जिंदगी

बरेली के रहने वाले आकाश को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया है। आकाश ओमैक्स मेट्रो सिटी कल्ली पश्चिम रायबरेली रोड लखनऊ में मिस्त्री के साथ हेल्पर के रूप में काम करते हैं। आकाश ने बताया कि अब उन्हें समय से मजदूरी मिलती है, जिससे परिवार का भरण-पोषण सुचारु रूप से हो पा रहा है और आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ है।

महिला श्रमिकों ने सुविधाएं देने के लिए जताया आभार

लखनऊ की महिला श्रमिक प्यारी और सरस्वती ने भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि अब उन्हें काम के साथ-साथ सभी आवश्यक सुविधाएं और समय पर भुगतान मिल रहा है, जिससे जीवन पहले की तुलना में काफी बेहतर हुआ है।

छात्र-छात्राओं ने सम्मान पाकर जताई खुशी

समारोह में अटल आवासीय स्कूल के कक्षा-10 के 10 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया है। छात्रों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों सम्मान पाकर गर्व व्यक्त किया है। छात्रा अभिलाषा ने कहा कि मुख्यमंत्री से सम्मान पाकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। हमारे विद्यालय में पढ़ाई का स्तर बहुत अच्छा है और सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। आज हमें जो सम्मान मिला है, वह हमारे लिए गर्व की बात है। मैं आगे चलकर डॉक्टर बनना चाहती हूं। अटल आवासीय विद्यालय आगरा के छात्र गणेश कुमार ने कहा कि सम्मान पाकर मुझे बेहद गर्व हो रहा है। हमारे विद्यालय में पढ़ाई, खेल और स्मार्ट क्लासेज जैसी सभी नेशनल लेवल की सुविधाएं उपलब्ध हैं। मैं आगे चलकर आईपीएस बनना चाहता हूं।

प्रिंसिपल बोले- सम्मान से बढ़ा उत्साह

अटल आवासीय विद्यालय प्रयागराज के प्रिंसिपल डॉ. गोपाल कांत मिश्रा और वाराणसी के प्रिंसिपल सत्येंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह सम्मान न केवल शिक्षकों का उत्साह बढ़ाता है, बल्कि छात्रों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि श्रमिकों के बच्चों में मेहनत करने की अद्भुत क्षमता होती है और यही इन विद्यालयों की सबसे बड़ी ताकत है।

प्रतिभा और परिश्रम का सम्मान

समारोह में अटल आवासीय विद्यालयों के मेधावी छात्र-छात्राओं, प्रधानाचार्यों और श्रमिकों को सम्मानित किया गया।
• सीबीएसई 10वीं के पहले बैच में 100% परिणाम देने वाले प्रयागराज और वाराणसी के विद्यालयों को विशेष सम्मान
• उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को टैबलेट वितरित किए गए

• छात्राओं में श्वेता, अंशिका यादव, सृष्टि गुप्ता, रीत मौर्या और अभिलाषा को सम्मान
• छात्रों में संगम यादव, हर्ष कुशवाहा, हर्षित, गणेश कुमार और उदय प्रताप को सम्मान

• श्रमिकों मुन्नालाल, पंचम, आकाश, प्यारी और सरस्वती को प्रमाणपत्र और टूलकिट देकर सम्मानित किया गया

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