बॉलीवुड अभिनेत्री आकांक्षा रंजन कपूर ने साझा किया Egg freezing का दर्दनाक किस्सा, सोशल मीडिया पर शेयर किया अपना अनुभव
अमृत विचार : बॉलीवुड अभिनेत्री आकांक्षा रंजन कपूर ने हाल ही में अपना एक अनुभव साँझा किया है उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने एग फ्रीजिंग जर्नी को शेयर किया है। 32 वर्षीय अभिनेत्री के इस खुलासे के बाद से ही सोशल मीडिया पर एक अलग सी बहस छेड़ दी है।
बता दें कि उन्होंने अपने इस सफर में हुई परेशानियों के बारें में भी बात की। एक्ट्रेस ने अपनी 'फर्टिलिटी जर्नी' के बारे में खुलकर बात की है। और यहाँ उन्होंने खुलासा किया कि 32 साल की उम्र में उन्होंने अपने एग्स फ्रीज कराने का फैसला किया, लेकिन यह प्रक्रिया उनके लिए शारीरिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण रही।
शारीरिक दिक्कतों के बारें में की बात
एक्ट्रेस ने बताया कि एग फ्रीजिंग जर्नी में उन्हें हार्मोनल इंजेक्शन दिए गए, तो उनका शरीर उस पर काफी प्रतिक्रिया करने लगा। उन्होंने बताया, "इंजेक्शन लगवाने के बाद मेरा पेट काफी फूल गया था और इतनी तकलीफ थी कि मैं 2-3 दिनों तक ठीक से चल भी नहीं पा रही थी।"उन्होंने बताया कि यह Experience काफी थका देने वाला था, लेकिन भविष्य के लिए अपनी फर्टिलिटी सुरक्षित करने के लिए उन्होंने यह कदम उठाना जरूरी समझा।
आईये जानते है क्यों लिया एग फ्रीजिंग का फैसला?
भागदौड़ भरी जिंदगी और करियर पर फोकस के कारण आजकल के दौर में कई महिलाएं देर से मां बनने का फैसला करती हैं। एक्ट्रेस आकांक्षा ने भी इसी सोच के साथ यह कदम उठाया ताकि भविष्य में जब भी वे परिवार शुरू करना चाहें, तो उम्र उनके लिए बाधा न बने। उन्होंने अन्य महिलाओं को भी इसके प्रति जागरूक रहने की सलाह दी।
क्या होती है एग फ्रीजिंग की प्रक्रिया?
Hormonal Stimulation: महिला को कई दिनों तक हार्मोनल इंजेक्शन दिए जाते हैं ताकि अंडाशय (Ovaries) में अधिक अंडे बन सकें।
Side Effects : आकांक्षा की तरह कई महिलाओं को इस दौरान ब्लोटिंग, मूड स्विंग्स और इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द महसूस होता है।
Egg Retrieval : एक छोटी सर्जरी के जरिए अंडों को निकाला जाता है और फिर उन्हें बेहद कम तापमान पर सुरक्षित यानि (Freeze) कर दिया जाता है।
सोशल मीडिया पर मिला सपोर्ट
एक्ट्रेस आकांक्षा के इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर लोग उनकी हिम्मत की तारीफ कर रहे हैं। कई और दूसरी महिलाओं ने उन्हें सपोर्ट किया और उनके इस कदम को "साहसी और ईमानदार" बताया है, क्योंकि आज भी समाज में फर्टिलिटी जैसे विषयों पर खुलकर बात नहीं की जाती।
