यूपी : खाद्य तेल में लेड की मात्रा प्रकरण, व्यापारियों ने रखा अपना पक्ष, आयुक्त से सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग

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Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार: उप्र की 14 तेल निर्माता कंपनियों/फर्मों के नमूनों में लेड की मात्रा प्रकरण में राहत प्रदान करने और आदेश पर पुर्नविचार की मांग को लेकर भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ रोशन जैकब से मुख्यालय में मिला। उन्होंने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। 

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा 23 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों कानपुर, आगरा, मेरठ, लखनऊ, हापुड़ एवं गोरखपुर में 14 तेल निर्माता कंपनियों/फर्मों के सरसों तेल, साल्वेंट ऑयल एवं पाम ऑयल आदि के नमूने लिए गए थे। उक्त नमूनों की जांच एक निजी प्रयोगशाला में कराए जाने के उपरांत कुछ नमूनों को ‘अनसेफ’ घोषित किया गया था। 

खाद्य तेल निर्माता अपने उत्पाद में लेड की मात्रा को न तो बढ़ा सकते हैं और न ही घटा सकते हैं। लेड की उपस्थिति का संभावित स्रोत खेती की प्रक्रिया, मिट्टी अथवा सिंचाई जल में निहित तत्व हो सकते हैं। ऐसे में केवल एक निजी प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर कठोर कार्रवाई करते हुए उत्पादन, बिक्री एवं स्टॉक पर प्रतिबंध लगाना न्यायसंगत नहीं है। 

इस दौरान कानपुर से जगदीश गुप्ता, विजय गुप्ता, गोरखपुर के शशांक अग्रवाल, आगरा से कुमार कृष्ण गोयल, हापुड़ से संजीव अग्रवाल, लखनऊ से सिद्धार्थ गुप्ता व किशन अग्रवाल, तरुण कटारिया एवं संतोष कटारिया, नरेश सांगल ने आयुक्त के समक्ष अपना पक्ष रखा। आयुक्त ने आश्वस्त किया।

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