नासिक MHADA घोटाला: गिरफ्तार अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ी, अब अपने ही कर्मचारी बने गवाह
नासिकः महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएचएडीए) भूमि धोखाधड़ी घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं। इस मामले में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं, जिनसे पता चलता है कि भूमि अभिलेख के उप अधीक्षक बिपिन काजले और नगर नियोजन के सहायक निदेशक कल्पेश पाटिल ने अपने ही मातहतों को इस आपराधिक साजिश में घसीटा था। विशेष बात यह है कि यही मातहत अब काजले और पाटिल के खिलाफ हो गए हैं। उनकी गवाहियाँ इस घोटाले के तार भूमि अभिलेख एवं नगर नियोजन विभागों के शीर्ष अधिकारियों तक पहुँचाने में अहम साबित हुई हैं।
सूत्रों के अनुसार नासिक शहर पुलिस द्वारा की जा रही जांच के दौरान दो कर्मचारियों ने अहम बयान दर्ज कराए हैं। इन कर्मचारियों ने गवाही दी है कि काजले और पाटिल ने इस घोटाले से जुड़े 49 मामलों में से 31 के नक्शे तैयार करने और उन्हें मंजूरी देने के आदेश दिए थे। इन गवाहियों के कारण पुलिस को अब काजले और पाटिल के खिलाफ पुख्ता तकनीकी सबूत मिल गए हैं।
सहायक पुलिस आयुक्त संदीप मितके और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक डॉ. अंचल मुद्गल के नेतृत्व में एक टीम फिलहाल इस मामले की जाँच कर रही है। इस बीच, काजले और पाटिल की गिरफ्तारी के बाद राजस्व, नगर नियोजन एवं भूमि अभिलेख विभागों के अन्य अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया है।
