एक्सप्रेस-वे किनारे जनसुविधा और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर पर बड़ा निवेश, योगी सरकार ने जारी की पहली किश्त, बदल जाएगी यात्रा की तस्वीर
-योगी सरकार ने जारी की 191 करोड़ रुपये की पहली किश्त -पूर्वांचल व बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर बनेंगे आधुनिक सुविधा केंद्र -फिरोजाबाद में विकसित होगा औद्योगिक कॉरिडोर, मिलेगी रोजगार
लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश सरकार ने एक्सप्रेसवे आधारित विकास मॉडल को और गति देते हुए चार बड़े परियोजनाओं के लिए वित्तीय स्वीकृति जारी की है। योगी सरकार ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर जनसुविधा परिसरों के निर्माण के साथ फिरोजाबाद में औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने के लिए करीब 191 करोड़ रुपये की प्रथम किश्त जारी की है। इन परियोजनाओं के जरिए यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, वहीं एक्सप्रेसवे किनारे निवेश और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
औद्योगिक विकास विभाग की ओर से जारी शासनादेशों के अनुसार पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बाराबंकी, अमेठी और सुल्तानपुर में चार जनसुविधा परिसरों के विकास के लिए 133.48 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई है। इसके लिए 46.72 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।
इसी तरह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर में चार अन्य जनसुविधा परिसरों के विकास के लिए 136.92 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत हुई है। इसके लिए 47.92 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इन परिसरों में मोटल, कैफेटेरिया, फूड कोर्ट, ट्रकर फैसिलिटी और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। शासन ने दिव्यांगजन हितैषी और बाधारहित निर्माण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर बांदा, हमीरपुर और जालौन में चार जनसुविधा परिसरों के विकास के लिए 129.07 करोड़ रुपये की परियोजना मंजूर की गई है। इसके लिए 45.17 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है। इसके अलावा फिरोजाबाद में एक्सप्रेसवे परियोजना के समीप औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने के लिए 146.88 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई है। प्रथम चरण में 51.41 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य एक्सप्रेसवे के आसपास पूंजी निवेश आकर्षित करना और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
