तमिलनाड में संशय खत्म : वीसीके ने टीवीके को सौंपा समर्थन पत्र, विजय के नेतृत्व सरकार गठन का रास्ता साफ
चेन्नई। तमिलनाडु में विदुथलाई चिरूथईगल काट्ची (वीसीके) ने तमिलागा वेट्री कझगम (टीवीके) को सरकार बनाने के लिए बिना शर्त अपना समर्थन देने का ऐलान शनिवार शाम को कर दिया। वीसीके के इस कदम से राज्य में नयी सरकार के गठन को लेकर पिछले एक सप्ताह से जारी राजनीतिक खींचतान पर विराम लग गया। थोल थिरुमावलवन के नेतृत्व वाली राजनीतिक पार्टी वीसीके बीते कुछ दिनों से टीवीके को समर्थन देने के मसले पर काफी उहापोह में थी।
हालांकि उसके पास 234 सदस्यीय विधानसभा में केवल दो विधायक हैं लेकिन उसका रूख स्पष्ट न होने के कारण टीवीके को बहुमत हासिल करने में अड़चन आ रही थी पर अब समर्थन के ऐलान के बाद टीवीके और उसके नेता जोसेफ विजय को सरकार बनाने के लिए आवश्यक 118 विधायकों का जादुई आंकड़ा प्राप्त हो गया है। यह घोषणा वीसीके नेता थिरुमावलवन के, टीवीके चुनाव अभियान प्रबंधन महासचिव आधाव अर्जुना को समर्थन पत्र सौंपने के बाद की गई।
समर्थन पत्र प्राप्त करने के बाद अर्जुना ने मीडिया से कहा, "विजय, विजय, विजय। मैं कांग्रेस, भाकपा, माकपा के नेताओं और अपने राजनीतिक गुरु थिरुमावलवन को धन्यवाद देता हूं। लोकतंत्र की रक्षा की जाएगी और हमारे नेता विजय तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री होंगे।"
गौरतलब है कि अभिनेता से नेता की भूमिका में आए जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके ने अपने पहले ही चुनाव में 108 सीटों पर जीत दर्ज की, हालांकि दो सीटों से चुनाव जीतने के कारण तकनीकी रूप से उनके पास 107 विधायक थे और उन्हें बहुमत के लिए 11 और सदस्यों की आवश्यकता थी।
इस कमी को पूरा करने के लिए विजय ने विपक्षी गठबंधन के सहयोगियों से संपर्क साधा, जिसके परिणामस्वरूप कांग्रेस ने अपने 5 विधायकों के साथ द्रमुक का साथ छोड़कर टीवीके को समर्थन दिया, जबकि माकपा और भाकपा ने अपने 2-2 विधायकों के साथ बाहर से समर्थन देने का फैसला किया।
अंततः वीसीके के 2 विधायकों के बिना शर्त समर्थन के साथ टीवीके गठबंधन की कुल संख्या 118 (107 5 2 2 2) तक पहुँच गई, जो सरकार बनाने के लिए आवश्यक जादुई आंकड़ा है। वीसीके के फैसले को लेकर सुबह से ही काफी उत्सुकता बनी हुई थी।
थिरुमावलवन ने सुबह अपना निर्णय टाल दिया था, जिससे राजनीतिक गलियारों में बेचैनी बढ़ गई थी। हालांकि, शाम होते-होते उन्होंने दो विधायकों के समर्थन की पुष्टि कर दी। रिपोर्टों के अनुसार, यह समर्थन काफी गहन चर्चा और राजनीतिक मोलभाव के बाद आया है। अब राज्यपाल विजय को औपचारिक रूप से सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे, जिसके बाद शपथ ग्रहण समारोह की तारीख तय की जाएगी।
