सीएम योगी ने राज्यपाल से की शिष्टाचार भेंट, मंत्रिपरिषद विस्तार की अटकलें तेज... इन नामों पर चर्चा

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Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने शनिवार शाम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से लखनऊ स्थित 'जन भवन' में शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के बाद राज्य में मंत्रिपरिषद विस्तार की अटकलें तेज हो गई हैं। 'जन भवन' की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें श्री लालचंद राम द्वारा लिखित पुस्तक "भारतीय ज्ञान परंपरा अवधारणा" भेंट की। 

राज्यपाल से मुख्यमंत्री की इस मुलाकात के राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। राज्य में लंबे समय से मंत्रिपरिषद विस्तार की चर्चाएं चल रही हैं और माना जा रहा है कि इस पर जल्द निर्णय हो सकता है। पश्चिम बंगाल और असम समेत कई राज्यों में हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच राजनीतिक विश्लेषकों का अनुमान है कि उत्तर प्रदेश सरकार में भी जल्द विस्तार संभव है। 

उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा में अधिकतम 60 मंत्री हो सकते हैं, जबकि वर्तमान में कुछ मंत्री पद रिक्त बताए जा रहे हैं। अगले वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मंत्रिपरिषद विस्तार को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कुछ राजनीतिक जानकारों का दावा है कि यह विस्तार रविवार या सोमवार तक हो सकता है, हालांकि अभी तक सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

कल हो सकता है योगी मंत्रिमंडल विस्तार, छह नए मंत्री ले सकते हैं शपथ

उत्तर प्रदेश में लंबे समय से चर्चाओं में चल रहे मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, 10 मई को योगी आदित्यनाथ सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। इस दौरान छह नए मंत्री शपथ ले सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, संभावित नए चेहरों में कृष्णा पासवान, पूजा पाल, मनोज पांडेय, भूपेंद्र चौधरी, अशोक कटारिया और रोमी साहनी का नाम शामिल बताया जा रहा है। दरअसल, उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल में फिलहाल 54 मंत्री हैं, जबकि संवैधानिक प्रावधानों के तहत राज्य में अधिकतम 60 मंत्री हो सकते हैं। ऐसे में छह पद अभी खाली हैं, जिन्हें इस विस्तार के जरिए भरा जा सकता है। 

इस बीच शनिवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की। हालांकि, इसे औपचारिक शिष्टाचार भेंट बताया गया है। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को लालचंद राम द्वारा लिखित 'भारतीय ज्ञान परंपरा की अवधारणा' पुस्तक भेंट की।

सूत्रों का कहना है कि मंत्रिमंडल विस्तार के साथ-साथ संगठन स्तर पर भी बड़े बदलाव किए जा सकते हैं। इससे पहले अप्रैल महीने में भी मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं तेज हुई थीं, लेकिन उस समय फैसला टल गया था। अब माना जा रहा है कि 2027 विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भाजपा सरकार संगठन और सत्ता दोनों स्तरों पर संतुलन साधने की तैयारी में है। 

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