Bareilly:नरियावल में तेल बरामदगी के बाद गेंद एफएसडीए-पुलिस के पाले में पहुंची
बरेली, अमृत विचार। नरियावल के गोदाम में हुई छापेमारी में भारी मात्रा में तेल पकड़े जाने के बाद कार्रवाई का मामला दो विभागों के पास पहुंच गया है। एक ओर जहां पुलिस को कापी राइट उल्लंघन को लेकर थाना बिथरी में तहरीर दी गई, वहीं एफएसडीए ने सैंपलिंग के सात तेल का स्टॉक सीज कर दिया है। जांच के बाद गोदाम मालिक पर शिकंजा कसा जा सकता है।
पुलिस के अनुसार, अडानी ग्रुप के लीगल सेल की ओर से शिकायत की गई थी थी कि बरेली के नरियावल क्षेत्र में फॉर्च्यून ब्रांड से मिलती-जुलती पैकिंग में रिफाइंड तेल तैयार कर बाजार में उतारा जा रहा है। पैकिंग और डिजाइन इतने मिलते-जुलते हैं कि ग्राहक भ्रमित हो रहे हैं। आईपी इन्वेस्टीगेशन यूनिट के साथ एसडीएम सदर प्रमोद कुमार, पुलिस और फूड सेफ्टी विभाग की टीम इसके बाद संयुक्त कार्रवाई करते हुए गोदाम पर शुक्रवार शाम छापेमारी की थी। वहां के हालात देखकर अफसर सकते में आ गए थे।
गोदाम के अंदर से 12-12 लीटर वाले 171 टिन बरामद हुए थे। प्राथमिक जांच में पता लगा कि गोदाम संचालित करने वाली फर्म अडानी ग्रुप के नामी ब्रांड फॉर्च्यून जैसी पैकिंग तैयार कर राजहंस, फंक्शन और फार्मूला नाम से तेल की पैकेजिंग कर रही थी। सुगंध जैसे अन्य नामों के रैपर भी मिले थे। दो टैंकर भी वहां पाए गए। टीम मौके से मिले तेल के सैंपल लिए और समूचा स्टाक सीज कर दिया था।
एसडीएम ने प्रेस को बताया कि लैब की रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा कि तेल नकली है या मानकों के विपरीत तैयार किया गया है। जांच में मिलावटी या फर्जी ब्रांडिंग के आरोप सही पाए गए तो संबंधित फर्म के खिलाफ फूड सेफ्टी एक्ट व अन्य धाराओं में एक्शन होगा। एफएसडीए की टीम ने फिलहाल तेल के नमूनू लेकर उसे सीज कर दिया है। कंपनी की ओर से कॉपीराइट उल्लंघन के आरोप में बिथरी थाने में तहरीर दी गई है, जिसकी जांच में पुलिस जुटी है।
