योगी मंत्रिमंडल के विस्तार पर अखिलेश यादव ने कसा तंज, कहा- नौ साल में कुछ नहीं हुआ तो नौ महीने में क्या करेंगे नए मंत्री

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को होने जा रहे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार पर तंज कसते हुए कहा कि जब सरकार नौ साल में कुछ नहीं कर सकी, तो नए मंत्री नौ महीनों में क्या कर लेंगे।

 मंत्रिमंडल विस्तार से पहले सपा प्रमुख ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट कर सवाल किया, ''मंत्रिमंडल में केवल छह रिक्तियां हैं, इससे ज्यादा तो दूसरे दल से पाला बदल कर आए लोग हैं, क्या उन सभी को मंत्री पद से नवाज़ा जाएगा?'' 

अखिलेश यादव ने कहा, "एक समाज के कई विधायकों में से किसी एक को चुना जाएगा तो चुनने का आधार क्या होगा?, अगर ऐसा हुआ तो बाकी दल-बदलुओं का क्या होगा?, उनकी उपेक्षा व अपमान को क्या कुछ ले-देकर शांत करा जाएगा? या उन्हें भी ये अहसास करा दिया जाएगा कि भाजपा किसी की सगी नहीं है?'' 

उन्होंने कहा, ''बाकी छूटे हुए लोग क्या अपने को ठगा सा महसूस नहीं करेंगे? और वे अपने चुनाव क्षेत्र में मुंह दिखाने लायक बचेंगे क्या? इसके अतिरिक्त प्रश्न ये भी है कि उनके अपने दल के जो लोग मंत्री बनने के इंतजार में सूखकर कांटा हो गये हैं, उन बेचारों का क्या होगा?'' 

अखिलेश यादव ने यह भी कहा, ''जिन वर्तमान मंत्रियों के विभाग कम किये जाएंगे तो क्या इससे जनता के बीच ये संदेश नहीं जाएगा कि वो नाकाम रहे, इसलिए उनसे मंत्रालय छीन लिया गया है? ऐसे मंत्री तो बिना लड़े ही क्या अपना चुनाव हार नहीं जाएंगे?'' सपा प्रमुख ने कहा, ''साथी दलों को प्रतीक्षा के स्थान पर और कुछ मिलेगा या फिर उनको ये कहकर उपेक्षित कर दिया जाएगा… तुम थे जिनके सहारे, वो हुए न तुम्हारे... वो तो ठग हैं पुराने...… तुम ये सच न जाने…।'' 

सपा अध्यक्ष ने सवाल किया कि जनता यह भी पूछ रही है कि आखिरी नौ महीनों में ये मंत्री क्या कर लेंगे, जब नौ वर्षों में सरकार कुछ नहीं कर सकी। यादव ने कहा, "ये भी वही करेंगे जो भाजपा सरकार करती आई है-भ्रष्टाचार और अत्याचार। पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) पर वार-ही-वार। महंगाई और बेरोजगारी की मार। ये जीना दुश्वार कर देंगे।"  

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