लखनऊ पुलिस में डिजिटल क्रांति: ई-साक्ष्य ऐप से अब विवेचना होगी भी पारदर्शी, दिया गया विशेष प्रशिक्षण
लखनऊ, अमृत विचार: कमिश्नरेट लखनऊ में डिजिटल विवेचना को मजबूत और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक कदम और बढ़ाया गया है। ई-साक्ष्य एप पर विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। रिजर्व पुलिस लाइन्स स्थित संगोष्ठी सदन में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में थाना स्तर के अधिकारियों, कंप्यूटर ऑपरेटरों और सीसीटीएनएस कर्मियों को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला का आयोजन संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) अपर्णा कुमार, संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार तथा पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) अमित कुमावत के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यशाला का संचालन सहायक पुलिस आयुक्त (महिला अपराध/ट्रेनिंग सेल) सौम्या पाण्डेय ने किया। कार्यशाला में कुल 108 पुलिस अधिकारी एवं कर्मियों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण सत्र सीसीटीएनएस सेल के विशेषज्ञ प्रशिक्षक अवनीश कुमार त्रिपाठी और भूपेंद्र प्रताप सिंह ने संचालित किया। प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को ई-साक्ष्य ऐप के उपयोग, डिजिटल साक्ष्य संकलन, साक्ष्यों के सुरक्षित संरक्षण तथा तकनीकी त्रुटियों के समाधान की विस्तृत जानकारी दी।
बताया गया सिस्टम आईडेंटिफिकेशन नंबर का महत्व
प्रशिक्षण के दौरान ई-साक्ष्य एप से जनरेट होने वाले एसआईडी (सिस्टम आइडेंटिफिकेशन नंबर) के महत्व और उसे विवेचना का अभिन्न हिस्सा बनाए जाने की प्रक्रिया समझाई गई। साथ ही डिजिटल साक्ष्यों के सुरक्षित अपलोड एवं प्रबंधन की तकनीकों पर व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि ई-साक्ष्य एप विवेचना को अधिक पारदर्शी, तकनीकी रूप से सुदृढ़ और समयबद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया तथा ऐप संचालन में आने वाली सामान्य तकनीकी समस्याओं के समाधान बताए गए।
