Yogi Cabinet : योगी मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कई जिलों में जश्न, समर्थकों ने बांटी मिठाइयां

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अलीगढ़, कन्नौज, रायबरेली, फतेहपुर, मेरठ, वाराणसी, कानपुर देहात और मुरादाबाद समेत कई जिलों में जश्न का माहौल देखने को मिला। उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा में निर्धारित कोटे के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत मंत्रियों की कुल संख्या अब 60 हो गई है।

विस्तार में छह नए मंत्रियों को शामिल किया गया, जबकि दो राज्य मंत्रियों को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में पदोन्नत किया गया। नए चेहरों और पदोन्नति की खबर मिलते ही इन मंत्रियों के संबंधित क्षेत्रों में उत्साह और उल्लास का माहौल बन गया। समर्थकों ने मिठाइयां बांटीं, पटाखे फोड़े और ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी मनाई। योगी मंत्रिमंडल में चौधरी भूपेंद्र सिंह और मनोज कुमार पांडेय ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली।

वहीं, अजीत सिंह पाल और सोमेंद्र तोमर को राज्य मंत्री से पदोन्नत कर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया। सुरेंद्र दिलेर, कैलाश राजपूत, कृष्णा पासवान और हंसराज विश्वकर्मा को राज्य मंत्री बनाया गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह के चौथी बार मंत्री बनने पर उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनका अनुभव प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

रायबरेली जिले की ऊंचाहार सीट से तीसरी बार विधायक बने डॉ. मनोज कुमार पांडेय के शपथ लेते ही समर्थकों ने जश्न मनाया। वर्ष 2012 में समाजवादी पार्टी (सपा) से विधायक बने पांडेय 2017 और 2022 में भी निर्वाचित हुए थे। 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान वह भाजपा के मंच पर नजर आए थे, जिसके बाद से उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही थीं। अलीगढ़ जिले की खैर सीट से भाजपा विधायक 31 वर्षीय सुरेंद्र दिलेर के मंत्री बनने पर सुरक्षा विहार कॉलोनी में बधाई देने वालों का तांता लग गया।

सुरक्षा विहार रेजिडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश सिंह ने कहा कि दिलेर अपने विनम्र और सहयोगी स्वभाव के कारण क्षेत्र में लोकप्रिय हैं। तीन पीढ़ियों की राजनीतिक विरासत वाले सुरेंद्र दिलेर नवंबर 2024 के उपचुनाव में पहली बार विधायक बने थे। उनके दादा किशन लाल दिलेर अलीगढ़ जिले में वाल्मीकि समाज के प्रमुख नेता थे और वर्ष 1985 में पहली बार कोल सीट से विधायक चुने गए थे। बाद में वह हाथरस से सांसद भी रहे। उनके पिता राजवीर इगलास (अजा) सीट से विधायक रह चुके हैं।

शपथ ग्रहण से पहले सुरेंद्र दिलेर ने कहा, ''यह मेरे लिए सीखने का दौर है। मैं पारिवारिक अनुभवों और नयी सीख के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करूंगा।'' कन्नौज जिले की तिर्वा सीट से चौथी बार विधायक बने कैलाश राजपूत के मंत्री बनने पर गांधी चौक पर जश्न मनाया गया। तिर्वा नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष विनोद गुप्ता ने कहा कि पहली बार क्षेत्र के किसी विधायक को मंत्री बनाया गया है, जिससे पिछड़े इलाके के विकास को गति मिलेगी। वर्ष 1956 में जन्मे राजपूत छात्र जीवन से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े रहे हैं।

भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि वर्ष 2019 में उन्होंने सपा-बसपा गठबंधन की उम्मीदवार डिंपल यादव को हराने में अहम भूमिका निभाई थी। कन्नौज को सपा प्रमुख अखिलेश यादव का गढ़ माना जाता है, ऐसे में यहां से दो मंत्रियों को प्रतिनिधित्व देकर भाजपा ने राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। कानपुर देहात के सिकंदरा क्षेत्र में भी उत्साह का माहौल है। यहां से विधायक अजीत सिंह पाल पहले राज्य मंत्री थे, जिन्हें अब राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है। उनके समर्थक उनके क्षेत्र लौटने का इंतजार कर रहे हैं।

फतेहपुर जिले की खागा सीट से चार बार की विधायक कृष्णा पासवान के राज्य मंत्री बनने पर क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। समर्थकों ने पटाखे फोड़े और मिठाइयां बांटीं। भाजपा जिलाध्यक्ष अन्नू श्रीवास्तव ने कहा कि पासवान संगठन में मंडल और जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा चुकी हैं तथा दलित समाज में उनकी मजबूत पकड़ है।

पार्टी नेताओं का मानना है कि पासी समुदाय में उनके प्रभाव से वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को लाभ मिलेगा। मेरठ के सोमेंद्र तोमर पहले से ही राज्य मंत्री थे, लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के साथ ही उनके समर्थकों को पदोन्नति की उम्मीद थी। भाजपा नेता डॉ. राहुल त्यागी ने कहा कि तोमर व्यवहार कुशल और जमीनी नेता हैं, इसलिए उनकी पदोन्नति से सभी वर्गों में खुशी है।

भाजपा की वाराणसी इकाई के जिलाध्यक्ष और विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा ने मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने के लिए पार्टी नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि नेतृत्व उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगा, वह पूरी निष्ठा के साथ उसका निर्वहन करेंगे। विश्वकर्मा के शपथ लेने के बाद वाराणसी में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई। लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी और उनकी ताजपोशी पर खुशी जाहिर की। 

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