CBI Raid : मोहाली विजिलेंस ब्यूरो दफ्तर पर सीबीआई की छापा, रिश्वतखोरी मामले में कई गिरफ्तार

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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चंडीगढ़/मोहाली। पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार देर रात पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के मोहाली स्थित दफ्तर पर छापा मारा। इस दौरान कथित रिश्वतखोरी मामले में विजिलेंस प्रमुख के रीडर ओपी राणा समेत बिचौलियों राघव गोयल और उनके पिता विकास गोयल को गिरफ्तार किया गया। सूत्रों के अनुसार, आरोप है कि ये लोग एक मामले को निपटाने के लिए 20 लाख रुपये की सौदा कर रहे थे। 

सीबीआई ने चंडीगढ़ के एक पांच सितारा होटल में जाल बिछाकर कार्रवाई की, जहां कथित तौर पर शिकायतकर्ता के साथ सौदेबाजी चल रही थी। सीबीआई टीम ने मलोट स्थित गोयल परिवार के घर पर भी छापा मारा, जहां से कुछ दस्तावेज और करीब पांच लाख रुपये नकद बरामद किए गए। बताया जा रहा है कि राघव गोयल भाजपा से जुड़े एक प्रमुख नेता हैं। सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है। 

वहीं विजिलेंस विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के फरार होने और फोन न उठाने की भी जानकारी सामने आई है। पंजाब के इतिहास में यह पहली बार माना जा रहा है जब किसी राज्य जांच एजेंसी के दफ्तर पर भ्रष्टाचार के आरोपों में केंद्रीय एजेंसी ने छापा मारा हो। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गईं।

पंजाब सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार ऊपर से नीचे तक उजागर हो रहा है और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने इसे चुनावों से पहले लोकतंत्र पर हमला बताते हुए कहा कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। 

मजीठिया ने कथित रिश्वत मामले में हुई कार्रवाई को लेकर एक्स पर कहा, "पंजाब में भ्रष्टाचार अब ऊपर से नीचे तक परत-दर-परत उजागर हो रहा है। कथित 20 लाख रुपये की रिश्वत डील जांच के घेरे में है और केंद्रीय एजेंसी ने कार्रवाई के दौरान 13 लाख रुपये बरामद किए हैं।" उन्होंने कहा, "पंजाब विजिलेंस ब्यूरो पर बीती रात एक केंद्रीय एजेंसी ने छापा मारा। क्या आप हैरान हैं? मैं नहीं हूं।" उन्होंने आरोप लगाया कि यह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तय कार्यप्रणाली बन चुकी है। 

पहले केंद्रीय एजेंसियां नेताओं को निशाना बनाती हैं, फिर नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई करती हैं, ताकि संदेश दिया जा सके कि लाइन में लगो या परिणाम भुगतो। उन्होंने कहा कि पंजाब चुनाव नजदीक हैं, इसलिए यह लोकतंत्र पर एक और हमला है। आने वाले समय में कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाया जा सकता है, जिसके लिए पार्टी पूरी तरह तैयार है। 

उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने अरविंद केजरीवाल और भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य की राजनीति में इसी तरह का रवैया अपनाया है। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस इस दौरान सबसे बड़ी पीड़ित रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को झूठे मामलों में फंसाया गया, डराया गया और परेशान किया गया। कई मामलों को बाद में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने रद्द कर दिया।

उन्होंने कहा, "हम भूले नहीं हैं और न ही भूलेंगे लेकिन एक बात साफ है, लोकतंत्र ऐसे नहीं चलता। यह तानाशाही है। भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों को यह समझना चाहिए।" दूसरी ओर पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा, "सीबीआई रेड के बाद अफसरों, मंत्रियों और नेताओं में भगदड़ मच गई है और अब भ्रष्टाचारियों के हिसाब का समय नजदीक आ गया है। ख़ुद को बचाने के रास्ते ढूँढने लगे। पर भ्रष्टाचारी बचेंगे नहीं- 'पकड़े सारे जाएँगे'। " फिलहाल सीबीआई मामले की जांच में जुटी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।  

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