भारतीय फार्मा नेटवर्क्स पर अमेरिका की सख्त कार्रवाई, फेंटानिल सप्लाई के आरोप में दवा विक्रेता और 13 सहयोगियों पर लगा वीज़ा प्रतिबंध
वॉशिंगटन। अमेरिका ने भारत स्थित ऑनलाइन दवा विक्रेता केएस इंटरनेशनल ट्रेडर्स से जुड़े 13 करीबी व्यावसायिक सहयोगियों पर वीज़ा प्रतिबंधों की घोषणा की है। अमेरिका ने इस नेटवर्क पर देश में घातक और अवैध फेंटानिल को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। विदेश विभाग के प्रवक्ता थॉमस 'टॉमी' पिगॉट ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि यह कार्रवाई उन अंतरराष्ट्रीय तस्करी अभियानों को ध्वस्त करने के एक आक्रामक अभियान का हिस्सा है, जो अमेरिका में परिवारों को तबाह करने वाली अवैध फेंटानिल के लिए जिम्मेदार हैं।
विदेश विभाग के अनुसार, केएस इंटरनेशनल ट्रेडर्स ने कथित तौर पर पूरे अमेरिका में खरीदारों को अवैध फेंटानिल युक्त लाखों जाली दवाएं बेचीं। अधिकारियों ने कहा कि इस अभियान ने देश भर में अत्यधिक मात्रा में नशीली दवाओं के सेवन से होने वाली मौतों में योगदान दिया और कंपनी ने भारी मुनाफा कमाया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एक कार्यकारी आदेश के तहत फेंटानिल को 'बड़े पैमाने पर विनाश का हथियार' घोषित किए जाने के बाद, आप्रवासन और राष्ट्रीयता अधिनियम की धारा के तहत ये वीज़ा प्रतिबंध लगाए गए थे।
बयान में घोषणा की गई कि अमेरिकियों को जहर देने में शामिल लोगों को अमेरिका में प्रवेश से वंचित कर दिया जाएगा। अमेरिकी अधिकारियों ने इस कदम को अंतरराष्ट्रीय दवा तस्करों और उनके वित्तीय नेटवर्कों के लिए एक चेतावनी बताया और इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका और भारत फेंटानिल आपूर्ति श्रृंखलाओं को नष्ट करने और इस घातक दवा की बिक्री से लाभ कमाने वाले आपराधिक संगठनों को खत्म करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
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