प्रबुद्ध संवाद में बोले सीएम योगी, बुद्धिजीवी युवाओं को दें सही दिशा, बताएं पुराने और नए यूपी का फर्क

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
On

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बुद्धिजीवियों से आग्रह किया कि वे युवा पीढ़ी को 2017 से पहले राज्य की स्थिति और हाल के वर्षों में आए परिवर्तनों के बारे में शिक्षित करें। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राप्ती नगर मंडल द्वारा गोरखपुर में आयोजित 'प्रबुद्ध संवाद' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं को 'दंगों, कर्फ्यू, अराजकता और तुष्टिकरण की राजनीति के युग' के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए। 

योगी ने कहा कि कई युवा उस समय राज्य की परिस्थितियों को समझने के लिए बहुत छोटे थे। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश 'गुंडागर्दी, भ्रष्टाचार और क्षेत्रीय दलों द्वारा शोषण' से प्रभावित था। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को 'गुंडा टैक्स' देना पड़ता था, महिलाएं असुरक्षित महसूस करती थीं और रोजगार के अवसर सीमित थे, जिससे कई युवा राज्य छोड़ने को मजबूर हुए। 

योगी ने कहा कि वर्तमान सरकार विकास, सुरक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करती है। उन्होंने गोरखपुर का उदाहरण देते हुए बताया कि उर्वरक संयंत्र फिर से परिचालन में आया है, एम्स-गोरखपुर सुचारू रूप से काम कर रहा है और बीआरडी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पातल में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ है। योगी ने कहा कि 15,000 करोड़ रुपये की औद्योगिक परियोजनाओं ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में लगभग 50,000 युवाओं के लिए रोजगार सृजित किए हैं। 

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा की और लोगों से ईंधन बचाने व सौर ऊर्जा, सार्वजनिक परिवहन, इलेक्ट्रिक वाहन एवं 'कारपूलिंग' जैसे विकल्प अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने बुद्धिजीवियों को 'समाज के विचार निर्माता' करार दिया और शिक्षकों, चिकित्सकों, अधिवक्ताओं व उद्यमियों से लोगों को सही दिशा में मार्गदर्शन करने और नागरिकों को संतुलित रहने के लिए प्रेरित करने की जिम्मेदारी जताई। 

यह भी पढ़ें:
शनि अमावस्या: चित्रकूट में उमड़ा आस्था का सैलाब, 7 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई कामदगिरि परिक्रमा 

 

 

 

संबंधित समाचार