Bareilly: नदी किनारे गांवों की सुरक्षा के लिए 11.65 करोड़ मंजूर, रामगंगा और किच्छा किनारे होगा काम
बरेली, अमृत विचार। मानसून के दौरान रामगंगा, किच्छा और बहगुल नदियों के उफान से होने वाले कटान और फसलों की बर्बादी को रोकने के लिए शासन ने बड़ी राहत दी है। विभाग के प्रस्ताव पर चार बड़ी परियोजनाओं के लिए 11.65 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति देने के साथ तत्काल काम शुरू कराने के लिए 10.11 करोड़ का बजट भी आवंटित कर दिया है। बाढ़ खंड के अभियंताओं को मानसून से पहले सभी काम पूरे करने के निर्देश दिए हैं।
शासन से रामगंगा नदी के बाएं किनारे पर स्थित ग्राम गौतारा, पिथुपुरा और मुर्शिदाबाद आदि को बाढ़ व कटान से बचाने के लिए 3.61 करोड़ की परियोजना को स्वीकृति मिली है, इसके लिए 2.45 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त नाबार्ड पोषित मद के अंतर्गत रामगंगा नदी के दाएं किनारे पर बसे गुर्जर गौटिया, धिमरपुर तथा बेहरा आदि गांवों को सुरक्षित करने के लिए 3.50 करोड़ की योजना को मंजूरी दी गई है। 3.36 करोड़ की धनराशि जारी कर दी गई है।
वहीं, किच्छा नदी के दाएं किनारे पर स्थित बकौली, बहुदनपुर और नवायत आदि गांवों को बाढ़ की चपेट में आने से बचाने के लिए 3.25 करोड़ की परियोजना स्वीकृत हुई है। 3.06 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। इसके अलावा पूर्वी बहगुल नदी के दाएं किनारे पर बसे खाताकिशनपुर, गौटिया, टिसुआ आदि गांवों के लिए शासन से 1.29 करोड़ की योजना स्वीकृत कर 1.24 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता अमित किशोर ने बताया कि कुछ कार्यों के लिए बजट पहले ही मिल चुका था, जिनका पर काम वर्तमान में चल रहा है।
