Bareilly: पांच इंजीनियरों पर गिर चुकी गाज, मगर कार्यदायी संस्था पर अब तक नरमी

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। सरदारनगर में 3.62 करोड़ रुपये की लागत से बना ओवरहेड टैंक ढहने के मामले में भले ही जल निगम ग्रामीण की एक्सईएन कुमकुम गंगवार, दो सहायक अभियंता दो और जेई को सस्पेंड कर दिया गया हो, लेकिन इस पूरी घटना में सबसे बड़ा सवाल कार्यदायी संस्था ''''एनसीसी लिमिटेड'''' को लेकर उठ रहा है। बिना सॉइल टेस्टिंग के बलुई मिट्टी पर टैंक खड़ा करने वाली इस हैदराबाद की कंपनी के खिलाफ अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है। कंपनी को केवल नोटिस का झुनझुना थमा दिया गया है।

दरअसल,''''हर घर नल योजना'''' के तहत साल 2019 से इस परियोजना का जिम्मा लेने वाली कंपनी एनसीसी ने जिले के 1801 गांवों में पाइपलाइन बिछाने और करीब 877 ओवरहेड टैंक बनाने का ठेका ले रखा है। 75 फीसदी काम पूरा होने का ढिंढोरा पीटा जा रहा है, लेकिन सरदारनगर की घटना ने इस पूरे प्रोजेक्ट की साख पर सवाल खड़ा कर दिया है। डर इस बात को लेकर है जब एक टैंक बिना बारिश झेले धराशायी हो गया, तो कंपनी की ओर से बनाए जा रहे बाकी 800 से अधिक टैंक सुरक्षित हो सकते हैं। 

इधर, सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि इस गंभीर लापरवाही में चार ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हुए और कई बाल-बाल बचे, फिर भी कंपनी पर शिकंजा नहीं कसा गया। जल शक्ति मंत्री के निर्देश पर महकमे ने छोटे-बड़े अफसरों को तो सस्पेंड कर दिया, मगर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने से हाथ पीछे खींचे जा रहे हैं। प्रशासन के स्तर से केवल जिले में कंपनी की ओर से बनाए गए सभी ओवरहेड टैंक की जांच कराने की बात कही जा रही है।

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