कानपुर : फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गिरोह का एक और सदस्य चढ़ा पुलिस के हत्थे

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Published By Deepak Mishra
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कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर में किदवई नगर पुलिस और एसआईटी टीम ने फर्जी मार्कशीट, डिग्री और माइग्रेशन प्रमाणपत्र बनाने वाले गिरोह के एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस उपायुक्त दक्षिण दीपेन्द्र नाथ चाैधरी ने मंगलवार को बताया कि इससे पहले 18 फरवरी को किदवई नगर पुलिस ने "शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन" नामक कार्यालय पर छापा मारकर संगठित फर्जी डिग्री गिरोह का भंडाफोड़ किया था। 

जांच में पता चला था कि गिरोह विभिन्न विश्वविद्यालयों और शिक्षा बोर्डों के नाम पर फर्जी मार्कशीट, डिग्री और माइग्रेशन प्रमाणपत्र तैयार कर मोटी रकम वसूलता था। पुलिस ने बताया कि आरोपी बिना परीक्षा दिलाए हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक, स्नातकोत्तर, विधि और फार्मेसी सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों की फर्जी अंकतालिकाएं और डिग्रियां तैयार कराते थे। 

गिरोह ने छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय की फर्जी माइग्रेशन बुकलेट और नकली मोहर बनवाकर लगभग 80 फर्जी माइग्रेशन प्रमाणपत्र जारी किए थे। मौके से विभिन्न विश्वविद्यालयों और माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश से संबंधित बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज, मोहरें और रसीद बुक बरामद की गई थीं। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी राघव सर्राफ, पहले से गिरफ्तार मुख्य आरोपी मनीष कुमार उर्फ रवि का रिश्ते में भांजा है। 

पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर तेलंगाना यूनिवर्सिटी, अन्नामलाई यूनिवर्सिटी, सीएसजेएम विश्वविद्यालय, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, डीवाई पाटिल विश्वविद्यालय, कुमाऊं विश्वविद्यालय, गढ़वाल विश्वविद्यालय और लिंग्याज विद्यापीठ समेत कई संस्थानों की फर्जी मार्कशीट और शैक्षणिक प्रमाणपत्र तैयार कराने में सहयोग करता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक प्रोविजनल सर्टिफिकेट, दो आईसीआईसीआई बैंक चेक और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। 

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