सहारनपुर में सांसद इकरा हसन पर FIR! सड़क जाम और सरकारी काम में बाधा का आरोप
सहारनपुर: सहारनपुर पुलिस ने कैराना सांसद इकरा हसन के खिलाफ 4 धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इकरा हसन के अलावापूर्व राज्य मंत्री मांगेराम कश्यप और उनके समर्थकों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, यातायात अवरुद्ध करने और निषेधाज्ञा उल्लंघन के आरोप में मामला दर्ज किया है।
मामला क्या है?
अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि यह प्राथमिकी सदर बाजार थाने में उपनिरीक्षक संजय कुमार शर्मा की शिकायत पर दर्ज की गई। मामले में इकरा हसन और मांगेराम कश्यप के अलावा 20 से 25 अज्ञात लोगों को भी नामजद किया गया है। पुलिस अधीक्षक (नगर) व्योम बिंदल के अनुसार, आरोपियों पर सड़क जाम कर यातायात बाधित करने, सरकारी कार्य में हस्तक्षेप करने, लोक सेवकों को ड्यूटी से रोकने तथा निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर अशांति फैलाने के आरोप लगाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है। यह विवाद 19 मई को उस समय शुरू हुआ जब इकरा हसन शामली जिले के जसाला गांव के निवासी मृतक मोनू कश्यप की मां और समर्थकों के साथ सहारनपुर स्थित पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) कार्यालय पहुंचीं।
सांसद ने आरोप लगाया था कि डीआईजी ने पीड़िता की मां की बात अनसुनी की और ऐसी टिप्पणी की जिससे वह आहत हुईं। पुलिस के मुताबिक, डीआईजी कार्यालय के बाहर तनाव बढ़ने पर महिला पुलिसकर्मी इकरा हसन को कुछ समय के लिए महिला थाने ले गई थीं, जहां से उन्हें करीब 10 मिनट बाद छोड़ दिया गया। इस बीच मांगेराम कश्यप समेत पांच लोगों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इनकी रिहाई की मांग को लेकर सांसद इकरा हसन अपने समर्थकों के साथ सदर बाजार थाने में धरने पर बैठ गईं। यह धरना शाम चार बजे से रात करीब साढ़े नौ बजे तक चला। इस दौरान उनकी पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस भी हुई।
अधिकारियों ने बताया कि बाद में सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि गिरफ्तार लोगों की रिहाई की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। अगले दिन पांचों आरोपियों को जिला जेल से रिहा कर दिया गया।
