Moradabad : डीजल के दाम बढ़ने से किसानों में भारी नाराजगी
कहा-सरकार किसान विरोधी, डीजल की बढ़ी कीमतें तत्काल वापस ले सरकार
मुरादाबाद, अमृत विचार। डीजल की कीमतों में हुई ताजा बढ़ोतरी को लेकर किसानों में गहरा आक्रोश है। किसानों ने सरकार के फैसले को किसान विरोधी बताया। कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई और खेती की लागत के बीच डीजल के दाम बढ़ाना किसानों की कमर तोड़ने जैसा है।
केंद्र सरकार के डीजल पर दाम बढ़ाने के शुक्रवार को किसानों में भारी रोष रहा। किसानों का कहना है कि सरकार ने एक साथ लगभग तीन रुपये प्रति लीटर डीजल महंगा कर खेती-किसानी को और अधिक संकट में डाल दिया है। किसानों के अनुसार खेती का अधिकांश काम डीजल पर निर्भर है। ट्रैक्टर से जुताई, बुवाई, सिंचाई, फसल कटाई और मंडियों तक फसल पहुंचाने में डीजल की अहम भूमिका होती है। ऐसे में डीजल महंगा होने का सीधा असर खेती की लागत पर पड़ेगा। किसानों का कहना है कि पहले ही खाद, बीज, कीटनाशक और कृषि उपकरणों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, ऊपर से डीजल के दाम बढ़ने से उनकी आर्थिक स्थिति और कमजोर होगी।
गन्ना किसानों ने विशेष रूप से नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार डीजल के दाम बढ़ाने में तेजी दिखा रही है, लेकिन गन्ने के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी को लेकर कोई गंभीर कदम नहीं उठा रही। किसानों का कहना है कि चीनी मिलों पर भुगतान बकाया है और खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, इसके बावजूद गन्ने के दाम में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं की जा रही है।
किसानों से बातचीत
गांवों में पहले से बेरोजगारी और आर्थिक संकट है, ऐसे में डीजल की महंगाई से कृषि कार्य प्रभावित होंगे और इसका असर आम लोगों पर भी पड़ेगा। सरकार की नीतियां बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने वाली हैं, जबकि किसान लगातार आर्थिक दबाव में जीने को मजबूर हैं। -धर्मेश चौधरी, किसान निवासी मूंढापांडे।
सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया बल्कि उद्योगपतियों को और धनवान करने के लिए डीजल पर पैसे बढ़ाकर किसान की कमर तोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। सरकार तत्काल डीजल की बढ़ी हुई कीमतें वापस ले। यदि सरकार डीजल पर पैसे नहीं घटाएगी तो किसान आंदोलन करेगा। - नरेश प्रताप सिंह, किसान।
