बाराबंकी में डकैतों ने मचाया तांडव : पुलिस गश्त के 10 मिनट बाद ही टूट पड़े डकैत, मायके आई बहनों और मासूमों को भी नहीं बख्शा

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Published By Deepak Mishra
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दीपराज सिंह/देवा/बाराबंकी, अमृत विचार। क्षेत्र के ग्वारी कस्बे में किराना व्यवसायी आलोक जायसवाल उर्फ हिमांशु के घर हुई डकैती सिर्फ लूट की घटना नहीं, बल्कि एक परिवार के लिए दहशत और दर्द भरी रात बन गई। डकैत भी इतने अलर्ट कि दस मिनट पहले पुलिस गश्त होते ही वह हमलावर हो गए। बदमाशों ने जमकर क्रूरता दिखाई, परिजन तो पीट हीे गए, मायके आई बहनों और दो मासूम बच्चों पर भी बदमाशों को रहम न आई। 

बताया जा रहा कि आलोक जायसवाल की बहनें दीपिका जायसवाल और सोनाली जायसवाल कुछ दिन के लिए मायके आई थीं। परिवार के साथ समय बिताने आईं दोनों बहनों ने शायद ही सोचा होगा कि रात उनके लिए खौफनाक याद बन जाएगी। बदमाशों ने घर में घुसते ही महिलाओं को असलहों के बल पर बंधक बना लिया और विरोध करने पर मारपीट शुरू कर दी, मायके आई दोनों बहनें भी बदमाशों की क्रूरता का शिकार हुईं।

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मारपीट में घायल सोनाली को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। घर में मौजूद दो वर्षीय रुद्रांश और महज दो माह के विराज को भी बदमाशों ने पीटा। इनकी चीख-पुकार और महिलाओं की बेबसी ने घटना को भयावह बना दिया। हैरानी की बात यह भी कि घटनास्थल से चंद कदमों की दूरी पर पुलिस पिकेट मौजूद है।

स्थानीय लोगों की मानें तो वारदात से करीब 10 मिनट पहले ही पुलिसकर्मी वहां से गए थे। इसके तुरंत बाद बदमाशों ने धावा बोल दिया। चर्चा है कि बदमाश पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखते हुए मौके का इंतजार कर रहे थे। इस घटना ने ग्वारी कस्बे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि जब पुलिस पिकेट के पास इतना बड़ा अपराध हो सकता है तो आम लोग खुद को कितना सुरक्षित मानें।

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