बरेली में बिजली संकट गहराया : तीन दिन से बिजली-पानी गुल, गुस्साए लोगों ने लगाया जाम, पुलिस की कड़ी मशक्कत के बाद बहाल हुआ यातायात

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बरेली, अमृत विचार। बरेली के सुभाषनगर थाना क्षेत्र के शांति विहार इलाके में बीते तीन दिनों से बिजली और पानी के लिए 50 हजार की आबादी तरस रही है। जिससे शुक्रवार शाम को लोगों का सब्र टूट गया और गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर दिया।

बवाल बढ़ने की स्थिति में मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह से लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। जिसके बाद जाम खुलवा कर यातायात बहाल कराया गया। सुभाषनगर थाना क्षेत्र के शांति विहार कॉलोनी में तीन दिनों से बिजली पानी नहीं आ रहा है। लोगों के इन्वर्टर भी बंद हो गए हैं और सोलर पैनल भी बेकार हो गए। लोग एक-एक बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले जैसे हालात फिर से आ गया है। पहले भी इसी तरह से लाइट कई दिनों तक गायब रहता था। गुस्साए लोगों ने करीब आधे घंटे तक रोड जाम रख कर हाईवोल्टेज ड्रामा काटा। मौके पर सुभाषनगर थाना प्रभारी सतीश कुमार नैन पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। जिसके बाद समझा बुझाकर लोगों को शांत कराया गया और जाम खुलवाया गया।

हंगामा कर रहे लोगों का कहना था कि इस गंभीर समस्या की शिकायत लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों के पास जाओ तो तो समाधान करने के बजाय दुत्कार कर भगा देते हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि जेई रविंद्र कुमार और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों ने साफ कह दिया कि न तो स्टाफ है और न ही कोई व्यवस्था, जो करना है कर लो।

बिजली विभाग का यह गैर-जिम्मेदाराना रवैया और अभद्र व्यवहार जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। स्थानीय युवाओं और संभ्रांत नागरिकों ने मौके पर टूटे हुए सपोर्टिंग वायर और बिजली लाइनों को दिखाते हुए रोष व्यक्त किया। उनका कहना है कि कल शाम 7:00 बजे से मुख्य लाइन टूटी पड़ी है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन विभाग का कोई कर्मचारी इसे ठीक करने नहीं आया। संविदा कर्मियों के भरोसे पूरे मोहल्ले को छोड़ दिया गया है।

हेल्प डेस्क पर सिर्फ खाना पूर्ति... 

बिजली विभाग के हेल्प डेस्क पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जा रही है। शिकायत दर्ज तो हो जाती है, लेकिन समाधान नहीं होता। स्टाफ की भारी कमी और वर्टिकल की लापरवाही ने पूरे बरेली जिले की बिजली व्यवस्था को बुरी तरह झंझोर दिया है। पूरा जिला इन दिनों अंधेरे की चपेट में है। लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। मुख्य अभियंता केवल चेकिंग तक सीमित हैं, जबकि टैक्स वसूली का पैसा आ रहा है, लेकिन जनता की समस्याओं का कोई समाधान नहीं हो रहा।

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सीबीगंज पावर हाउस का घेराव, उपभोक्ताओं में बढ़ा आक्रोश

सीबीगंज पावर हाउस क्षेत्र में लगातार बिगड़ रही विद्युत व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार की शाम को बाकरगंज वाल्मीकि बस्ती से आए लोगों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए उपकेंद्र का घेराव किया। लोगों ने आरोप लगाया कि पावर हाउस पर स्थापित हेल्प डेस्क केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। उनका आरोप है कि यहां शिकायतें तो दर्ज की जाती हैं, लेकिन उनके समाधान के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।

स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टाफ की भारी कमी के कारण बिजली संबंधी समस्याओं का समय पर निस्तारण नहीं हो पा रहा है। लगातार फॉल्ट और ट्रिपिंग की घटनाओं ने क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। उपभोक्ताओं के अनुसार कई इलाकों में घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों को भीषण गर्मी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के अधिकारी केवल औचक निरीक्षण और चेकिंग अभियानों में व्यस्त हैं, जबकि जमीनी स्तर पर बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमराई हुई है। 

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