Bareilly News: बदायूं रोड पर टला बड़ा हादसा, तार जलकर गिरने के बाद बाल-बाल बचे रागीर

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। शहर में जनप्रतिनिधियों और पावर अफसरों के बीच मैराथन बैठक को हुए कुछ घंटे भी नहीं गुजरे कि कई इलाके जगह-जगह फॉल्ट की वजह से अधेरे में डूबे नजर आए। बदायूं रोड पर 84 घंटा के पास चिंगारी उठने के आग टूटकर बारातघर के पास सड़क पर लटक गए, जिससे कई लोग बाल-बाल बच गए। अनुपमनगर में ट्रांसफार्मर में आग लग गई, जिससे पूरे क्षेत्र की बत्ती गुल हो गई।

मंत्री विधायकों की बैठक से जगी थी उम्मीद
उम्मीद की जा रही थी कि बिजली अधिकारी व मंत्री-विधायक, पार्षदों के बीच लंबी बैठक के बाद हालात कुछ सुधरते नजर आएंगे, मगर ऐसा हुआ नहीं। पहली ही रात शहर में कई स्थानों से बिजली कट सूचनाएं मिली हैं। किला, बारादरी, हरूनगला, सीबीगंज के अलावा सीबीगंज में अघोषित संकट से लोग परेशान दिखे। बदायूं रोड पर देर रात टीमें आपूर्ति बहाल करने में जुटी रहीं।

जनप्रतिनिधियों ने अफसरों की पोल
बिजली संकट को लेकर वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार की गरमा-गरम चिट्टी ने बरेली से लखनऊ तक तूफान उठाया तो पावर कारपोरेशन सिस्टम सोते से जाग गया। हंगामा मचते ही जनता की व्यथा-कथा जानने का अफसरों को समय भी मिल गया। शासन के निर्देश पर नाथनगरी पहुंचे मुख्य अभियंता (तकनीकी) मनीष गुप्ता के सामने मंत्री, विधायक, पार्षदों ने एक सुर में जिले के बिजली अधिकारियों की पोल खेली। कहा गया, कुछ अफसर विपक्ष की तरह काम करना छोड़ें वरना पब्लिक का आक्रोश संभाले नहीं संभलेगा। चेतावनी दी गई कि बरेली के हालात बिगड़े तो जिम्मेदार पावर अधिकारी होंगे। दो टूक कहा गया, पावर कारपोरेशन का पूरा अमला मिलकर 15 दिन में बिजली व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर लाएंगे और फिर इसी तरह यहीं आमने-सामने बैठ कर सच के आइने में अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे।

नरम स्वभाव के डॉ. अरुण कुमार ने दिखाए तेवर गरम
सर्किट हाउस में शाम हुई बैठक की अध्यक्षता कर रहे वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार अपनी छवि के अनुरूप कूल जरूर दिखे मगर तेवर उनके गरम नजर आ रहे थे। उन्होंने बिजली अफसरों से सख्त लहजे में कहा कि जिले में सबसे अधिक बंच केबल फूंकने के कारण बिजली कटौती की शिकायतें हैं। बंच केबलों की गुणवत्ता की जांच जरूरी है। जिस प्रकार पानी जरूरी है, वैसे ही अब बिजली भी जरूरी है। उपकेंद्रों पर स्टॉफ की कमी की शिकायतों उन्होंने कहा कि डॉ. अरुण बोले, चीफ इंजीनियर यह बात लिखकर दें, ताकि ऊर्जा मंत्री से वार्ता कर जरूरी व्यवस्था कराई जा सके। अपुसर यह बात गाठ बांध लें कि जेई से लेकर उच्चाधिकारियों तक सके मोबाइल में जिले के जनप्रतिनिधियों व पार्षदों का नंबर सेव हों। फोन जरूर उठने चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि बिजली समस्या से जुड़ी जो भी शिकायतें हैं, उनका एक सप्ताह में निराकरण किया जाए।

अगर जनाक्रोश फूटा तो जिम्मेदार होंगे अफसर
बैठक में कैंट विधायक संजीव अग्रवाल बिजली अफसरों के रवैय्ये को लेकर खासे नाराज दिखे। बोले, जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। लोग रातों में सो नहीं पा रहे। सरकार का प्रतिनिधि हूं। साफ कह रहा हूं, जनाक्रोश फूटा, कानून-व्यवस्था बिगड़ी तो पूरी जिम्मेदारी बिजली अफसरों की होगी। अधिकारी विपक्ष के नेताओं की तरह काम करना बंद करें। सरकार के खिलाफ साजिश रचने वाले ये अफसर अब भी नहीं चेते, तो उन्हीं की भाषा में जवाब देंगे। 2017 के बाद हमारी सरकार ने बिजली व्यवस्था बेहतर की है। नए पावर हाउस बनवाए हैं। हर तरह के संसाधन उपलब्ध कराए हैं। सरकार की मंशा 24 घंटे निर्बाध बिजली देने की है, लेकिन अफसरों की लापरवाही और खराब कार्यप्रणाली से हालात खराब हैं। जेई, एसडीओ से एक्सईएन तक तक विधायक-पार्षदों का फोन नहीं उठाते हैं। जनप्रतिनिधियों के कहने के बाद भी खराब ट्रांसफार्मर बदलने में छह से आठ घंटे का समय लगता है। वार्ड 13 में नया ट्रांसफार्मर अगले ही दिन फुंक गया। ऐसे में भाजपा के सिपाही और पार्षद किस मुंह से जनता के बीच जाएं। विधायक ने अफसरों से तुरंत बिजली किल्लत दूर करने को कहा।

डीएम बोले, बरेली की जनता सीधी वरना पता लगा
बिजली समस्या को लेकर बैठक में डीएम अविनाश सिंह ने भी अफसरों की जमकर क्लास ली। उन्होंने कहा कि जिले में बिजली के हालात निश्चित रूप से खराब हैं। प्रशासन तक लगातार शिकायतें पहुंच रही हैं। सबसे बड़ी समस्या बिजली अफसरों के फोन न उठाने की है। उनका व्यवहार जनता के प्रति बेहद संवेदनहीन है। चेतावनी दी कि जो अधिकारी व्यवस्था को नहीं संभाल पा रहे हैं, उन्हें यहां से तत्काल हटवाया जाएगा। यहां की जनता बहुत सीधी है। इसके बाद बाद भी अधिकारी सही काम नहीं कर रहे हैं। अगर यही सब पूर्वांचल होता तो इन्हें पता लगा!

गुस्साए पार्षद, सीएम के खिलाफ साजिश कर रहे अफसर
बैठक में पार्षद विकास शर्मा ने आरोप लगाया कि हालात देखते हुए लगता है कि बिजली अधिकारी सरकार और मुख्यमंत्री योगी के खिलाफ जैसे साजिश रच रहे हों। पार्षद चंद्र प्रकाश बोले, वार्ड की नाराज जनता उनको घेर करही है। परेशान होकर वह इस्तीफा तक देने को तैयार हैं। पार्षद सुधा सक्सेना ने बिजली का पोल हटाने के नाम पर उन्हें 22 लाख रुपये का फर्जी एस्टीमेट देने की शिकायत की। पार्षद चित्रा मिश्रा ने मढ़ीनाथ पुलिस चौकी के सामने नाले के ऊपर लटके खतरनाक ट्रांसफार्मर का मुद्दा उठाया, जो कभी भी हादसे का कारण बन सकता है।

सबसे ज्यादा शिकायतें फोन नहीं उठाने को सामने आईं
चौपट बिजली व्यवस्था को लेकर पार्षदों ने सबसे ज्यादा शिकायतें अफसरों के फोन न उठने को लेकर कीं। आरोप लगाया गया कि बानखाना- आजमनगर, किला जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी हो रही है। पार्षद सौरभ कुमार ने बताया कि दिसंबर 2024 से खंभा मकान पर टिका हुआ है। तार बल्लियों के सहारे झूल रहे हैं। बार-बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही। पार्षद छंगामल मौर्य ने एक-एक जेई पर चार-चार बिजली घर और एक-एक लाइनमैन पर पांच किलोमीटर क्षेत्र की जिम्मेदारी थोपी गई है, जिससे व्यवस्था ध्वस्त है। कई पार्षदों ने वर्टिकल व्यवस्था के बारे में पूछते हुए इसे समाप्त कर पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की।

चेकिंग के नाम पर होने वाली वसूली पर हो रोक
पार्षदों ने कहा कि जो लोग बिजली चोरी करते हैं, उन पर कार्रवाई की जाए। चोरी की बिजली से चल रही डेयरी व ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशनों पर तुरंत एक्शन जरूरी है। चेकिंग के नाम पर होने वाली वसूली पर रोक लगाई जाए। गर्मी में लोग घरों में किसी भी स्थिति में रहते-सोते हैं। घरों पर डंडे की मदद से कैमरा डालकर चेकिंग पर रोक लगाई जाए।

मुख्य अभियंता ने मानी गलती

मुख्य अभियंता तकनीक मुख्यालय ने भी मानी गलती बैठक में पार्षदों के तल्ख तेवर और प्रमाण सहित शिकायतों के अंबार सामने आए तो लखनऊ से आए मुख्य अभियंता तकनीक मनीष गुप्ता ने भी सार्वजनिक रूप से माना की जेई, एसडीओ व एक्सईएन के फोन न उठने से अधिक समस्या है। उन्होंने हेल्पडेस्क के नंबर व कार्यप्रणाली के बारे में बताया। उन्होंने मंच से ही अधिकारियों को सुधार लाने की नसीहत दी।

15 दिन का दिया गया समय
बैठक के समापन में कैंट विधायक ने मुख्य अभियंता को सभी पार्षदों की समस्याओं का निराकरण कर वन मंत्री व संबंधित पार्षद के साथ डीएम को अवगत कराने को कहा। विधायक ने 15 दिन बाद सभी समस्याओं का निराकरण कररके सर्किट हाउस सभागार में दोबारा सभी पार्षदों के साथ बिजली व्यवस्था को लेकर बैठक करने को कहा।

 

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