Moradabad News: गंगा दशहरा पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, घाटों पर गंदगी ने किया परेशान
मुरादाबाद, अमृत विचार। मां गंगा के धरती पर अवतरण दिवस गंगा दशहरा आस्था व उल्लास से मनाया गया। रामगंगा नदी में आस्थावानों ने पुण्य की डुबकी लगाकर मां से परिवार की मंगल कामना की।
सूर्य देव को जल किया अर्पित
रामगंगा नदी के तट सीएल गुप्ता घाट, लालबाग काली माता मंदिर स्थित नदी किनारे बड़ी संख्या में लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। महिलाएं, पुरुष, बच्चे, बुजुर्गों ने नदी में स्नान कर सूर्यदेव को जल भी अर्पित किया। आसपास के मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना कर परिवार की खुशी व समृद्धि की प्रार्थना की। गंगा दशहरा पर लालबाग में नदी किनारे मेला भी लगा। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर खरीदारी भी की। चाट, पकौड़ी व अन्य जरूरत की सामग्री की खरीदारी की। लोगों ने मेले में लगे झूले आदि का भी आनंद लिया।
स्नान से होती है मां गंगा की कृपा
ज्योतिषाचार्य पंडित केदार मुरारी ने बताया कि सनातन धर्म में ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मां गंगा के धरती पर अवतरण का पर्व मनाया जाता है। इस दिन गंगा व उसकी सहायक नदियों में स्नान, दान व पूजन से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। उदया तिथि के अनुसार गंगा स्नान और पूजन 25 मई को करना सबसे उत्तम माना गया था। यदि कोई गंगा दशहरा के दिन हरिद्वार, प्रयाग या वाराणसी में पवित्र गंगा घाटों पर स्नान करता है तो उस पर मां गंगा की कृपा प्राप्त होती है। मान्यता है कि इस दिन गंगा नदी में डुबकी लगाने से सभी प्रकार के पाप धुल जाते हैं।
जानवरों को नहलाने पर रोक
रामगंगा नदी के तटों पर पसरी गंदगी से लोगों की आस्था को ठेस भी पहुंची। राष्ट्रीय पुजारी परिषद के पदाधिकारियों ने कई बार जिला प्रशासन के अधिकारियों से लोगों की आस्था का सम्मान करने के लिए नदी में भैंसों व अन्य जानवरों के प्रवेश व नहलाने आदि पर रोक लगाने की मांग की है। नदी को निर्मल, अविरल रखने में जन सामान्य से भी जागरूकता की अपील संगठन कर चुके हैं।
