Bakra Eid 2026: बकरीद पर नहीं दी जाएगी ''डोनाल्ड ट्रंप'' नाम के भैंसे की कुर्बानी, बांग्लादेशी अधिकारियों ने इस वजह से लिया फैसला

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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ढाका। बांग्लादेश में ईद-उल-अजहा (बकरीद) के मौके पर अधिकारियों ने ''डोनाल्ड ट्रंप'' नाम के एक दुर्लभ भैंसे की कुर्बानी रुकवाई और उसे राजधानी के राष्ट्रीय चिड़ियाघर में रखने का फैसला किया है। यह भैंसा एल्बिनो (रंगहीनता) नामक दुर्लभ आनुवंशिक स्थिति से पीड़ित है, जिसके कारण शरीर में 'मेलेनिन' रंगद्रव्य बहुत कम या बिल्कुल नहीं बनता है। इस भैंसे के लहराते सुनहरे बाल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'सिग्नेचर हेयरस्टाइल' से काफी मिलते-जुलते हैं जिसके कारण इसका नाम ''डोनाल्ड ट्रंप'' रखा गया है।

 पुलिस के अनुसार, सरकार के निर्देश के बाद बृहस्पतिवार को कुर्बानी दिए जाने से कुछ घंटे पहले ही इस 700 किलोग्राम वजनी भैंसे को कब्जे में ले लिया। इस भैंसे के मालिक मोनिरुज जमान ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, ''आज दोपहर पुलिसकर्मी आए और कहा कि सरकार ने संरक्षण के लिए भैंसे को अपने कब्जे में लेने का फैसला किया है। चूंकि हम सरकार के साथ कोई विवाद नहीं चाहते, इसलिए हमने उसे उन्हें सौंप दिया।'' 

जमान ने बताया कि अधिकारियों ने उनसे कहा कि सरकार या तो उन्हें मुआवजा देगी या उनकी भैंसे के बदले में एक और भैंसा, गाय या बैल उपलब्ध कराएगी। जमान ने ढाका के बाहरी इलाके केरानीगंज स्थित अपने घर पर कुर्बानी देने के लिए तीन दिन पहले इसे खरीदा था। केरानीगंज थाना प्रभारी रुहुल कुद्दुस ने कहा कि पशुधन विभाग के अधिकारियों का मानना ​​है कि भैंसे की उम्र काफी कम है और उसे कई और वर्षों तक पाला जा सकता है। 

भैंसे के पूर्व मालिक एवं किसान जिया उद्दीन मृधा ने पहले कहा था कि उनके भाई ने भैंसे का नाम ''डोनाल्ड ट्रम्प'' रखा था क्योंकि उसके असामान्य सुनहरे बाल अमेरिकी राष्ट्रपति के बालों से मिलते जुलते थे। उन्होंने बताया कि यह भैंसा बिकने से पहले ही आगंतुकों और सोशल मीडिया पर लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ था। स्थानीय मीडिया के अनुसार, ईद की कुर्बानी के लिए लाए गए हजारों पशुओं में यह ''ट्रंप'' नाम का भैंसा अपने सुनहरे बालों, रंग के कारण काफी अलग और आकर्षक लग रहा है।  

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