VIP इलाकों में निर्बाध बिजली... आम उपभोक्ता अंधेरे में बेहाल, भीषण गर्मी में उपकेंद्रों पर हो रहे धरना-प्रदर्शन
लखनऊ, अमृत विचार: शहर में गर्मी में बिजली आपूर्ति को लेकर वीआईपी और सामान्य क्षेत्रों में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। वीआईपी इलाकों में जहां कटौती नाममात्र की है, वहीं सामान्य क्षेत्रों में घंटों बिजली गुल हो रही है। परेशान लोग उपकेंद्रों पर धरना-प्रदर्शन और हंगामा करने को मजबूर हैं।
शहर के करीब 15 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को रविवार को भी बिजली आपूर्ति के सामान्य होने का इंतजार करना पड़ा। उपभोक्ताओं का आरोप है कि पावर कॉरपोरेशन बिजली आपूर्ति का प्रबंधन उपभोक्ताओं की जरूरतों के बजाय क्षेत्र की अहमियत और प्रभाव के आधार पर कर रहा है। हजरतगंज, गोमतीनगर, इंदिरानगर, महानगर, अलीगंज, लक्ष्मणपुरी, रवीन्द्र पल्ली, पार्क रोड, कैंट सदर और आशियाना जैसे क्षेत्रों में 24 घंटे के दौरान औसतन केवल आधे से एक घंटे तक ही बिजली कटौती हो रही है। इन इलाकों में किसी प्रकार का फॉल्ट आने पर विभाग के अधिकारी और कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य शुरू कर देते हैं। आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक ट्रांसफार्मर की भी शीघ्र व्यवस्था कर दी जाती है।
वहीं इसके उलट नादरगंज, सरोजनीनगर, बंगला बाजार, चौक, अमीनाबाद, यहियागंज, रकाबगंज, राजाजीपुरम, दुबग्गा, उतरेठिया, तेलीबाग, चिनहट, जानकीपुरम, मड़ियांव, विकासनगर और फैजुल्लागंज समेत कई क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को चार घंटे या उससे अधिक समय तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। इन क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर खराब होने के साथ 33 केवी अंडरग्राउंड केबल क्षतिग्रस्त होने के साथ जम्फर, पेटीफ्यूज सहित कई तकनीकी खामियों की समस्याओं के कारण दिनभर बिजली की आवाजाही बनी हुई है। इसके चलते बिजली संकट से नाराज उपभोक्ताओं ने कई बार उपकेंद्रों पर धरना-प्रदर्शन किया और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी भी की। गर्मी और उमस के बीच लंबे समय तक बिजली न मिलने से लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
विभाग की ओर से बिजली आपूर्ति के लिए किसी प्रकार की वीआईपी या विशेष श्रेणी नहीं बनाई गई है। किसी भी क्षेत्र में फॉल्ट होने की दशा में बिजली आपूर्ति को बहाल करना हमारी पहली प्राथमिकता होती है।
वीपी सिंह, मुख्य अभियंता, जानकीपुरम जोन
