World No Tobacco Day: तंबाकू सेवन से हर साल दुनिया में 80 लाख लोगों की होती है मौत, भारत में यह आंकड़ा करीब 13 लाख
लखनऊ, अमृत विचार: फेफड़े के कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। 90 प्रतिशत फेफड़े का कैंसर तम्बाकू का सेवन करने वालों को हो रहे हैं। धूम्रपान छोड़ने से सीओपीडी, फेफड़ों के कैंसर, दिल की बीमारी व स्ट्रोक का खतरा काफी कम हो जाता है। यह सलाह केजीएमयू पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. वेद प्रकाश ने दी।
रविवार 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस है। इस सिलसिले में आज शताब्दी भवन में जागरुकता कार्यक्रम हुआ। पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. वेद प्रकाश ने कहा कि तंबाकू के कारण हर वर्ष दुनिया में 80 लाख से अधिक लोगों की मौत होती है। भारत में यह आंकड़ा करीब 13 लाख है। धूम्रपान फेफड़ों के कैंसर के 85 से 90 प्रतिशत मामलों के लिए जिम्मेदार माना जाता है। डॉ. वेद प्रकाश ने कहा कि सेकेंड हैंड स्मोक भी खतरनाक है। इससे बच्चों, बुजुर्गों और धूम्रपान न करने वालों में हृदय रोग, अस्थमा और फेफड़ों की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। कार्यक्रम में केजीएमयू रेस्पीरेटरी मेडिसिन विभाग के पूर्व अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. डॉ राजेन्द्र प्रसाद, डॉ. यूएस पाल, सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग के डॉ. शिव राजन, डॉ. अमित सिंह, डॉ. मोहम्मद आरिफ, डॉ. अनुराग, डॉ. ऋचा, डॉ. यश, डॉ. दीपक, डॉ. शुभ्रा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
तम्बाकू के सेवन से नुकसान
फेफड़ों का कैंसर और सीओपीडी
हृदय रोग और स्ट्रोक
मुंह, गले और पेट का कैंसर
टीबी और सांस संबंधी गंभीर बीमारियां
गर्भावस्था में मां और शिशु दोनों के लिए खतरा
फेफड़ों पर असर
लगातार खांसी
सांस फूलना
घरघराहट
बार-बार संक्रमण
शरीर में ऑक्सीजन की कमी
तंबाकू छोड़ने के उपाय
निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी
चिकित्सकीय परामर्श और दवाएं
नियमित व्यायाम
तलब आने पर शुगर-फ्री गम या कैंडी का उपयोग
धूम्रपान करने वाले माहौल से दूरी।
ये लक्षण दिखे तो सावधान हो जाएं
लगातार खांसी
सांस लेने में तकलीफ
घरघराहट
फेफडों में इन्फेक्शन
ऑक्सीजन की कमी
सेकेंड हैंड धूम्रपान बच्चों।
