टेलीग्राम पर फर्जी पेपर बेचने वाला BBA छात्र आगरा से गिरफ्तार, 20 हजार के नाम पर UP पुलिस भर्ती परीक्षा में किया खेल
लखनऊ, अमृत विचार: यूपी पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा-2025 का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से रुपये वसूलने का प्रयास करने वाले आरोपी छात्र को हुसैनगंज पुलिस ने सोमवार को आगरा से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने टेलीग्राम पर UP SI EXAM के नाम से फर्जी चैनल बनाया था। उसके बाद परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से ठगी करते थे। फिर अमेजन गिफ्ट वाउचर में वह रकम बांट लेते थे। इससे पहले हुसैनगंज पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने करीब दो माह पहले आरोपी के सहपाठी को भी गिरफ्तार किया था।
एसीपी हजरतगंज विकास कुमार जायसवाल ने बताया कि पुलिस टीम ने आगरा शाहगंज के लक्ष्मीपुरम निवासी अरमान खान को गिरफ्तार किया है। आरोपी अरमान बीबीए का छात्र है। अरमान ने दोस्त बीबीए छात्र न्यू आगरा थाना की इंजीनियर्स कॉलोनी निवासी आयुष बघेल के साथ मिलकर सोशल प्लेटफार्म टेलीग्राम पर फर्जी चैनल बना रखा था।
उसके बाद आरोपियों ने टेलीग्राम पर चैनल बनाकर पेपर लीक का भ्रम फैलाते हुए नकली पीडीएफ बनाकर अभ्यर्थियों को अपने जाल में फंसाया। उक्त चैनल के जरिए आरोपी अपने जाल में फंसने वाले अभ्यर्थियों को यूपी पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा 2025 का पेपर लीक होने का झांसा देकर 10 से 25 हजार रुपये तक वसूली करते थे। जांच में सामने आया कि एक चैनल पर 20 हजार रुपये जमा कराने पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। वहीं दूसरे चैनलों पर दस-दस हजार रुपये एडवांस और परीक्षा के बाद शेष रकम लेने की बात कही जा रही थी। इसके लिए यूपीआई आईडी, क्यूआर कोड और बैंक खाते की जानकारी भी साझा की गई थी।
मामले में 12 मार्च को भर्ती बोर्ड के निरीक्षक सतेंद्र कुमार ने हुसैनगंज कोतवाली में सरकारी कार्य में बाधा, धाेखाधड़ी, आईटी एक्ट व 7 सीएलए समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। छानबीन के दौरान हुसैनगंज पुलिस टीम आगरा पहुंची और सोमवार तड़के अरमान खान को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। एसओ शिवमंगल सिंह ने बताया कि आरोपी कंप्यूटर नेटवर्क और इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म का दुरुपयोग कर अभ्यर्थियों को गुमराह करने और अवैध आर्थिक लाभ कमाने का प्रयास कर रहा था।
अमेजन की मदद से मिला डाटा
एसओ शिवमंगल सिंह ने बताया कि अरमान के एक दोस्त आयुष बघेल को पहले जेल भेजा चुका है। अरमान के बार कोड पर रकम मंगाई जाती थी। फिर अरमान ही उसे अमेजन के गिफ्ट वाउचर में बदल कर कोड सभी को दे देता था। इससे खातों के ट्रांजेक्शन नहीं दिखता था। इसपर पुलिस ने अमेजन से डिटेल लेकर आरोपी को पकड़ा। अरमान ने बताया कि पांच लाख रुपये के गिफ्ट वाउचर खरीदे थे।
